टोक्यो: दुनिया भर के कई देशों जंग के हालातों का सामना कर रहे हैं. ये देश एक-दूसरे के ऊपर जानलेवा अटैक करवा रहे हैं. रूस यूक्रेन जैसे देशों के बीच शांति समझौता करवाने के लिए कई पारवफुल वर्ल्ड लीडर्स जुटे हैं. इन सबके बीच अचानक से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन टपक पड़े हैं. उन्होंने जापान को बेमतलब ही परेशान कर दिया है, जिसने मंगलवार को उत्तर कोरिया द्वारा दो बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद कड़ा विरोध दर्ज कराया है. जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मिसाइलें जापान सागर यानी सी ऑफ जापान की दिशा में छोड़ी गई थीं.
बिदक गया जापान
जापानी सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी प्रतीत होती हैं. इस घटना के बाद जापान ने उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. जापान की प्रधानमंत्री साने तकाइची ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी जानकारी एकत्र करें और यह सुनिश्चित करें कि समुद्री जहाजों और विमानों की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े. फिलहाल मिसाइल प्रक्षेपण से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है.
अमेरिका भी कूदा
क्या कर रहे थे किम जोंग उन?
गौरतलब है कि दिसंबर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों के परीक्षणों की निगरानी की थी और परमाणु बलों के ‘असीमित और निरंतर’ विकास का आह्वान किया था. ये परीक्षण उस समय हुए थे, जब किम ने 8,700 टन वजनी ‘परमाणु-संचालित रणनीतिक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी’ के निर्माण का निरीक्षण किया था.
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हालिया मिसाइल अभ्यास येलो सी में किए गए, जिनका उद्देश्य उत्तर कोरिया की रणनीतिक जवाबी हमले की क्षमता की ‘पूर्ण विश्वसनीयता और युद्ध तत्परता’ को प्रदर्शित करना था. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन रणनीतिक क्रूज मिसाइलों ने पूर्व निर्धारित उड़ान पथ पर क्रमशः 10,199 सेकंड और 10,203 सेकंड तक उड़ान भरकर अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक साधा.
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