इंदौर से 50 किमी दूर चोरल डेम के पास ग्राम बुरानिया की गुफा में सैकड़ों वर्ष प्राचीन छोटा अमरनाथ मंदिर है। गुफा में प्राकृतिक झरने के जल से अभिषेक होता है। श्रावण एवं महाशिवरात्रि के अलावा सोमवार, शनिवार, रविवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर हजार साल से भी अधिक पुराना है। पहले लोग यहां रस्सियों के सहारे गुफा तक पहुंचते थे। दो दशक पहले कच्चा और फिर पक्का रास्ता बनाया गया। शिवरात्रि पर यहां मेला लगेगा एवं सुबह से शाम तक भंडारा चलेगा। सीढ़ियों के बाद बढ़ी भक्तों की संख्या बाबा के सेवक विक्रम डावर ने बताया सीढ़ियां बनने के बाद गुफा तक पहुंचने की राह आसान हुई तो 6 साल से यहां हर दिन बड़ी संख्या में भक्त आने लगे। करीब 300 सीढ़ियां एवं सीमेंट-क्रांक्रीट के स्लैब से उतरने में तो भक्तों को परेशानी नहीं होती लेकिन वापसी में खड़ी चढ़ाई होने से कुछ भक्त थक जाते हैं। गहरी खाई में मंदिर होने से कुछ लोग इसे खोदरा महादेव भी कहते हैं। 10 किलोमीटर पक्की घुमावदार सड़क है
डेम से मंदिर तक हरी-भरी वादियों में करीब 10 किमी पक्की घुमावदार सड़क है। जाते समय आधा रास्ता पहाड़ की ढलान एवं आधा चढ़ाई वाला है। जय महादेव जन कल्याण ट्रस्ट छोटा अमरनाथ के प्रमुख रामपाल छारेल ने बताया सालों से यहां लोग पहाड़ी के दुर्गम रास्तों से पैदल चलकर या रस्सी के सहारे गुफा तक पहुंचते थे। पहाड़ के बेस से गुफा तक करीब एक किमी का घुमावदार मार्ग बनाने के लिए 2006 में ब्लास्ट किया गया। 2019 में यहां 28 लाख की लागत से पक्की सीढियां, रैलिंग एवं स्लैब बनाया गया। .