₹30000 से शुरू हुई कंपनी, सीढ़ियों के नीचे था ऑफिस, आज है 15000 करोड़ का एंपायर

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ब्लू डार्ट की शुरुआत Clyde Cooper, Tushar Jani, Khushroo Dubash ने 1983 में 30000 रुपये से की थी, आज इसका मार्केट कैप 15700 करोड़ रुपये पार कर गया है और यह भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी है.

नई दिल्ली. भारत में लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री की बात हो और ब्लू डार्ट (Blue Dart) का नाम न आए, ऐसा संभव ही नहीं. बुधवार को इस कंपनी का शेयर 20 परसेंट के उछाल के साथ 6,645 रुपये पर पहुंच गया. कंपनी का मार्केट कैप 15700 करोड़ रुपये को पार कर गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी शुरुआत महज 30,000 रुपये से हुई थी. यह कंपनी आज भारत की सबसे भरोसेमंद और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कूरियर और एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स कंपनी बन चुकी है. तीन युवा उद्यमियों क्लाइड कूपर (Clyde Cooper), तुषार जानी (Tushar Jani) और खुशरू डुबाश (Khushroo Dubash)  ने 1983 में ब्लू डार्ट की नींव रखी थी.

शुरुआत में कंपनी का दफ्तर मुंबई में एक सीढ़ी के नीचे बने 200 वर्ग फुट के कमरे में था, लेकिन आइडिया बड़ा था छोटे पार्सल और सैंपल को देश से विदेश भेजने के लिए एक भरोसेमंद सिस्टम बनाना. ब्लू डार्ट ने यूके की Gelco Express International के साथ साझेदारी करके भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय एयर पैकेज एक्सप्रेस सेवा शुरू की. 1984 में कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑन-बोर्ड कुरियर सेवा की शुरुआत की.

1988 में रियल टाइम ट्रैकिंग

1988 में ब्लू डार्ट ने रीयल-टाइम ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया, जिससे ग्राहक अपने शिपमेंट को खुद ट्रैक कर सकते थे यह उस दौर में एक बड़ा तकनीकी बदलाव था. 1990 के दशक में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया. 1994 में ब्लू डार्ट ने पब्लिक इश्यू लाकर स्टॉक मार्केट में कदम रखा और Dart Apex जैसी नई प्रीमियम सेवाएं शुरू कीं. 1996 तक कंपनी ने ₹1 बिलियन का टर्नओवर पार कर लिया और भारत की पहली एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स कंपनी बनी जिसे ISO 9001 सर्टिफिकेशन मिला.

एविएशन और टेक्नोलॉजी से मजबूत हुई पकड़

ब्लू डार्ट ने 1995 में अपनी एविएशन शाखा शुरू की और बोइंग 737 फ्रीटर्स खरीदे. 2006 में कंपनी ने भारत के आसमान में पहली बार बोइंग 757 फ्रीटर्स उतारे, जिससे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों को जोड़ा गया. इसके साथ ही कंपनी ने मोबाइल ट्रैकिंग, स्मार्ट ट्रक और कार्बन-न्यूट्रल सर्विस जैसी तकनीकी पहलों से अपने ऑपरेशंस को और आधुनिक बनाया. 2005 में डीएचएल एक्सप्रेस (Singapore) Pte Ltd ने ब्लू डार्ट में 81% हिस्सेदारी खरीदी. इस अधिग्रहण के बाद भी ब्लू डार्ट ने अपना स्वतंत्र ब्रांड बनाए रखा और डीएचएल के नेटवर्क से तालमेल बढ़ाकर अपनी सेवाओं को और विस्तारित किया.

हालिया प्रदर्शन

ब्लू डार्ट के हालिया नतीजों के अनुसार, सितंबर 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व ₹1,549.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 7% अधिक है. शुद्ध लाभ ₹81.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 29.5% की वृद्धि है. कंपनी का EBITDA ₹251.9 करोड़ पर पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 16.3% हो गया.

Jai Thakur

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे… और पढ़ें

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