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Nilon’s की शुरुआत सुरेश बी. संघवी ने 1962 में की थी, आज कंपनी के प्रोडक्ट तीन लाख आउटलेट्स और जापान, अमेरिका, यूरोप तक पहुंचते हैं. FY2024 में रेवेन्यू ₹388.5 करोड़ रहा.
नीलॉन्स की शुरुआत 1962 में हुई थी.नीलॉन्स (Nilon’s) की जड़ें 1962 में हैं जब सुरेश बी. संघवी (Suresh B. Sanghavi) ने एक छोटे पैमाने पर अचार और पारंपरिक प्रोडक्ट बनाना शुरू किया. आज कंपनी के प्रोडक्ट लगभग तीन लाख आउटलेट्स तक पहुंच चुके हैं और वे जापान, अमेरिका, खाड़ी देश और यूरोप तक निर्यात करते हैं. यह छोटे शहर से निकलकर पैन-इंडिया और ग्लोबल लिस्टिंग तक पहुंचने वाली एक क्लासिक ग्रामीण-से-नेशनल सफलता की मिसाल है.
गांव की रसोई से फैक्ट्री का सीन
मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशंस, स्केल का सच
फाइनेंशियल कर्व और इन्फ्यूजन
नीलॉन्स ने ऑर्गैनिक ग्रोथ के साथ-साथ समय-समय पर निवेश भी लिया. 2008 में किरित पाठक (Kirit Pathak) जैसे एनआरआई निवेशक और बाद में प्राइवेट इक्विटी फंड्स ने कंपनी में निवेश किए, जिससे ब्रांडिंग, रिटेल पेनिट्रेशन और नई कैटेगरी में प्रवेश को मजबूती मिली. इन निवेशों और रणनीतिक बदलावों ने कंपनी के वैल्यूएशन और ग्रोथ-ट्रैक को तेज किया.
जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे… और पढ़ें
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