तुलसी और अदरक का काढ़ा
दादी-नानी हमेशा कहती थीं कि सर्दी-जुकाम का सबसे आसान इलाज है तुलसी और अदरक का काढ़ा. तुलसी में नेचुरल एंटीबायोटिक गुण होते हैं और अदरक गले की खराश और बलगम को साफ करने में मदद करता है. बच्चों के लिए ज्यादा तेज़ काढ़ा नहीं बनाना चाहिए. एक गिलास पानी में 4-5 तुलसी की पत्तियां और छोटा टुकड़ा अदरक डालकर उबाल लें. इसमें थोड़ा शहद डालकर बच्चे को आधा कप पिलाएं. यह नुस्खा बच्चे की इम्यूनिटी भी बढ़ाता है.
हल्दी को हर घर में दवा माना जाता है. हल्दी वाला दूध बच्चों की सर्दी-जुकाम में बहुत राहत देता है. हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण को कम करते हैं. रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर बच्चे को पिलाएं. इससे गले की खराश दूर होगी और बच्चे की नींद भी अच्छी आएगी.
अगर बच्चे की नाक लगातार बंद हो रही है तो भाप लेना बेहद कारगर तरीका है. भाप लेने से बलगम बाहर निकलने में मदद मिलती है और सांस लेने में आराम आता है. आप पानी में अजवाइन या पुदीना की पत्तियां डालकर भाप दिला सकते हैं. छोटे बच्चों को सीधे भाप नहीं दिलानी चाहिए, बल्कि कमरे में भाप का वातावरण बनाकर उन्हें उसमें बैठाएं.
खांसी की समस्या होने पर शहद और काली मिर्च का मिश्रण बहुत फायदेमंद होता है. आधा चम्मच शहद में चुटकीभर काली मिर्च पाउडर मिलाकर बच्चे को दें. यह नुस्खा गले की खराश और सूजन को कम करता है और खांसी में राहत देता है. शहद बच्चों के लिए एनर्जी बूस्टर का भी काम करता है.
दादी-नानी का एक और बहुत असरदार नुस्खा है अजवाइन की पोटली. अजवाइन को हल्की आंच पर सेंक लें और फिर उसे एक कपड़े में बांधकर बच्चे की छाती और पीठ पर हल्के हाथ से सेंक करें. इससे जुकाम में राहत मिलती है और बच्चे को आराम मिलता है. यह तरीका खासकर छोटे बच्चों के लिए बेहद असरदार माना जाता है.
सरसों का तेल सर्दियों और जुकाम में बेहद कारगर होता है. हल्के गुनगुने सरसों के तेल में लहसुन की 2-3 कलियां डालकर गरम करें और ठंडा होने पर बच्चे की छाती, पीठ और पैरों के तलवों में मालिश करें. इससे शरीर गर्म रहता है, सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक होता है और नींद भी गहरी आती है.
घरेलू नुस्खों के साथ-साथ कुछ जरूरी सावधानियां भी बरतना जरूरी है. बच्चे को हमेशा गुनगुना पानी पिलाएं और ठंडी चीजों से दूर रखें. कमरे में हवा का सही प्रवाह हो लेकिन बच्चे पर सीधे पंखा या ठंडी हवा न लगने दें. अगर बच्चा पसीना बहा रहा हो तो तुरंत कपड़े बदलें और साफ-सुथरे कपड़े पहनाएं. सबसे जरूरी बात, अगर बच्चा ज्यादा परेशान दिखे या तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
बच्चों की सर्दी-जुकाम की समस्या आम है लेकिन दादी-नानी के बताए ये देसी नुस्खे बच्चों को जल्दी आराम देने में मदद करते हैं. तुलसी-अदरक का काढ़ा, हल्दी वाला दूध, अजवाइन की पोटली और शहद-काली मिर्च जैसे उपाय बच्चे की सेहत सुधारते हैं और इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं. याद रखिए कि इन नुस्खों के साथ-साथ सही देखभाल और प्यार भी बच्चे के लिए दवा से कम नहीं होता.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)