बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को नौवीं में पढ़ने वाले 15 वर्षीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। छात्र का शव घर के कमरे में चुनरी के फंदे से पंखे पर लटका मिला। वह परिवार का इकलौता बेटा था। छात्र की पहचान लक्ष्य गजभिए के रूप में
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दरवाजा तोड़कर देखा तो फंदे से लटका था लक्ष्य
शुक्रवार को लक्ष्य जब अपने प्रथम मंजिल पर स्थित कमरे से स्कूल जाने के लिए बाहर नहीं आया तो परिजनों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा जोर से खोला। दरवाजा खुलते ही उन्होंने देखा कि लक्ष्य पंखे में बंधी चुनरी के फंदे पर लटका हुआ है। बदहवास परिजनों ने तुरंत बच्चे को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पंखे पर फांसी के फंदे से लटका हुआ था लक्ष्य।
आत्महत्या या हत्या? पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर हट्टा पुलिस मौके पर पहुंची। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लक्ष्य के रिश्ते के मामा निक्सन कावरे ने बताया कि बालक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सुसाइड नोट या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली
पुलिस के अनुसार, कमरे से कोई सुसाइड नोट या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है, इसलिए पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या मानकर चल रही है। हालांकि, पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार मृतक का मोबाइल रीसेट मिला है, जिससे लक्ष्य की मौत अब संदेहास्पद हो गई है।

लक्ष्य गजभिए नौवीं में पढ़ता था।
रिकवर किया जा सकता है डाटा
साइबर जानकारों के मुताबिक, रीसेट किए गए मोबाइल का डाटा रिकवर किया जा सकता है, जो जांच में अहम साबित हो सकता है। प्रधान आरक्षक निखिलेश अग्निहोत्री ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 194 के तहत मर्ग कायम कर लिया गया है। मोबाइल की जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
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