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Arbi ke patton ke fayade: अरबी के पत्ते विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है और सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव करते है. साथ ही त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में भी सहायक होते है.
रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर, राजस्थान) के अनुसार, अरबी के पत्ते एक प्राकृतिक औषधि है जो स्वाद और सेहत दोनों का खजाना अपने साथ लाते है. हालांकि, इन्हें हमेशा अच्छे से पकाकर ही खाया जाना चाहिए, क्योंकि कच्चे पत्तों में कैल्शियम ऑक्सालेट होता है जो गले और जीभ में जलन पैदा कर सकता है. सही तरीके से पकाने पर ये पत्ते शरीर के लिए वरदान साबित होते है.
डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, अरबी के पत्ते आयरन और फॉलिक एसिड से भरपूर होते है, जिससे खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में मदद मिलती है. यह महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए बहुत उपयोगी माने जाते है. इसके अलावा, अरबी के पत्तों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से निजात दिलाता है. नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और गैस या एसिडिटी की परेशानी कम होती है.
अरबी पत्तों का सेवन फायदेमंद
अरबी के पत्तों में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्व भी पाए जाते है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और जोड़ों के दर्द को कम करने में लाभकारी होते है. बच्चों के विकास और बुजुर्गों की हड्डियों की देखभाल के लिए अरबी पत्तों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. ये पत्ते विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होते है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव करते है. साथ ही त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में भी सहायक होते है.
कोलेस्ट्रॉल को भी संतुलित रखे
दिल की सेहत के लिए भी अरबी के पत्ते बेहद उपयोगी है. इनमें मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है. नियमित सेवन से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है और यह कोलेस्ट्रॉल को भी संतुलित रखने में मददगार होता है. वजन घटाने वालों के लिए भी अरबी के पत्ते एक बेहतरीन विकल्प है. इनमें कैलोरी कम और पोषक तत्व अधिक होते है, जिससे पेट भरा-भरा महसूस होता है और ज्यादा खाने की आदत पर नियंत्रण होता है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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