Arjun ki chhal ke fayde for Heart: आजकल कम उम्र में ही लोगों का दिल कमजोर होकर बीमार पड़ जा रहा है. 25-30 साल की कम उम्र में ही हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट आने के कारण लोग असमय मौत की नींद सो जा रहे हैं. यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है, जो एक चिंता का विषय है. जिम जाने वाले युवा लोग भी अचानक हार्ट अटैक आने से मर रहे हैं. ऐसे में क्या किया जाए, क्या खाएं, कैसी लाइफस्टाइल अपनाएं कि दिल के साथ संपूर्ण सेहत सही बनी रहे. आयुर्वेद में इसका जवाब है अर्जुन की छाल. जी हां, अर्जुन की छाल हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद मानी गई है. इसके सेवन से आप अपने दिल को हेल्दी बनाए रख सकते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब जीवनशैली, स्ट्रेस, अनहेल्दी खानपान से कई तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं, जिसमें हार्ट डिजीज भी मुख्य है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर किस तरह अर्जुन की छाल हेल्दी है दिल के लिए और इसका सेवन कैसे करना चाहिए.
दिल के लिए अर्जुन की छाल के फायदे (Arjun ki chhal ke fayde in hindi)
– आयुर्वेद मानता है कि अगर शरीर का संतुलन बना रहे और पाचन तंत्र मजबूत हो, तो कोलेस्ट्रॉल अपने आप नियंत्रित रह सकता है.
-आयुर्वेद में दिल की देखभाल के लिए कई जड़ी-बूटियों का उल्लेख किया गया है, जिनमें अर्जुन की छाल बेहद खास और प्रमुख स्थान रखता है. अर्जुन का पेड़ भारत के लगभग हर हिस्से में पाया जाता है. इसकी छाल को दिल की औषधि माना जाता है. यह धमनियों को साफ रखने, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और इसे सही बनाने, हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है.
-कई स्टडी में ये बात सामने आई है कि अर्जुन की छाल में मौजूद नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स और टैनिन्स शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को घटाने में मदद करते हैं. गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ावा देते हैं. कई आयुर्वेदिक डॉक्टर इसे दिल की मजबूती के लिए जरूरी मानते हैं.
– आप इसका इस्तेमाल पाउडर के तौर पर कर सकते हैं, लेकिन सेवन से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें. इसे आप दूध या पानी में उबालकर पी सकते हैं. आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे ‘हृदय बल्य’ यानी दिल को बल देने वाली औषधि कहा गया है.
– हालांकि, अर्जुन की छाल से तैयार पाउडर का स्वाद थोड़ा कसैला होता है, लेकिन इसके फायदे काफी अधिक हैं. इसके रेगुलर सेवन से आपका ब्लड प्रेशर हाई नहीं होगा. हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज की समस्या नहीं होगी.शरीर में ऊर्जा का संचार बना रहता है.
-विज्ञान के मुताबिक, अर्जुन की छाल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं,जो धमनियों में जमी चर्बी को धीरे-धीरे पिघलाने में सहायक होते हैं. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करती है. लिपिड प्रोफाइल को संतुलित रखती है.
– इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और सैपोनिन शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, जिससे धमनियों की दीवारें मजबूत बनी रहती हैं. यह दिल को सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी शांत रखती है.