परिवार बैंक के बाहर ही धरने पर बैठ गया।
गुना के बांसखेड़ी रेलवे फाटक के पास भोगीराम सेन के पीएम आवास पर गुरुवार को केनरा बैंक की वसूली टीम ने न्यायिक आदेश के आधार पर ताला लगा दिया। कार्रवाई के दौरान बैंक कर्मचारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अचानक हुई कार्रवाई के बाद परिवार घर के बाहर सड़क
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परिवार का आरोप है कि यह लोन बेबी बाई सेन पत्नी भोगीराम के नाम पर लिया गया था, लेकिन बैंक ने पीएम आवास योजना की सब्सिडी और लोन की सही गिनती नहीं दिखाई, जिससे उनके साथ अन्याय हो रहा है। उनका कहना है कि घर के अंदर रखा पूरा सामान बंद है और खाने-पीने की व्यवस्था भी ठप हो गई है। भोगीराम सेन ने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें कोई पूर्व सूचना दिए बिना ताला लगा दिया। भोगीराम ने कहा कि बैंक अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के ताला लगाकर हमें और परिवार को अकल्पनीय कष्ट में डाल दिया।
2017 में लिया लोन, 2020 में सब्सिडी स्वीकृत
भोगीराम सेन ने बताया कि 2017 में पीएम आवास के लिए यह लोन लिया गया था। 2020 में पीएम आवास की सब्सिडी स्वीकृत होने की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुई थी, लेकिन बैंक ने सब्सिडी का लेखा-जोखा स्पष्ट रूप से नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि 2021 में खाते में बकाया लगभग 43 हजार रुपए दिखता था। जबकि हाल ही में बैंक द्वारा बकाया राशि बढ़ाकर लगभग 8 लाख रुपए बताया गया है, जिसके संबंध में वह बैंक से बार-बार स्टेटमेंट और कागज मांग रहे हैं, लेकिन बैंक उन्हें यह मुहैया नहीं करा रहा है।
घर के बाहर बैठा भोगीराम।
आरोप- बैंक खा गया पीएम आवास की सब्सिडी
भोगीराम ने बताया कि वे भुगतान के लिए इच्छुक हैं पर बैंक को स्पष्ट व दस्तावेजी विवरण देना चाहिए कि बकाया किस प्रकार बढ़ा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और दस्तावेजी जांच की मांग की है ताकि वास्तविक बकाया और पीएम आवास की सब्सिडी की राशि स्पष्ट हो सके। परिवार ने कहा कि तब तक वे बैंक के मुख्य गेट पर धरना जारी रखेंगे और न्याय की आवाज उठाते रहेंगे। भोगीराम ने सीधा आरोप लगाया कि उनकी पीएम आवास की सब्सिडी बैंक वाले खा गए।
बैंक का पक्ष- सब कुछ न्यायिक आदेश और नियमों के अनुसार
केनरा बैंक के ग्वालियर से आए वरिष्ठ अधिकारी शशांक शुक्ला ने कहा कि बैंक की कार्रवाई न्यायिक आदेश और बैंकिंग नियमों के अनुरूप की गई है। शशांक शुक्ला ने बताया कि उधारकर्ता का खाता 2021 में एनपीए घोषित हुआ था और बैंक ने समय-समय पर नोटिस जारी किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि खाते का स्टेटमेंट और संबंधित दस्तावेज बैंक ने उपलब्ध कराए हैं, पर बैंक आंतरिक नियमों के कारण मीडिया को विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर सकता।

रात में भी प्रशासनिक अधिकारी परिवार को समझाने पहुंचे।
न्यायिक कब्जा का आदेश
न्यायिक आदेश के अनुरूप केनरा बैंक शाखा गुना ने 6 नवंबर को विधिक अधिग्रहण क्रिया पूरी कराई। आदेश के अनुसार अपर कलेक्टर और अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी के प्रकरण क्रमांक 0058/बी-121/2022-23 में दिनांक 02.12.2022 का आदेश लागू किया गया और नायब तहसीलदार गुना ने खसरा नंबर 663 पर स्थित मकान (कुल क्षेत्रफल 450 वर्ग फुट) का भौतिक आधिपत्य बैंक को दिलाया। बैंक ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा है कि उक्त संपत्ति अब बैंक का प्रथम भार है तथा किसी भी प्रकार का लेनदेन न किया जाए।
बैंक ने नोटिस में कहा कि संपत्ति पर लगी सील या ताले को हटाना, अवैध रूप से प्रवेश करना या इस सूचना को हटाना दंडनीय अपराध है। साथ ही बैंक ने आमजन से अनुरोध किया है कि वे उक्त संपत्ति संबंधी किसी भी कार्यवाही में संलग्न न हों क्योंकि अब संपत्ति पर बैंक का वैध अधिकार (प्राथमिक दायित्व) स्थापित हो चुका है।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में फोर्स बैंक पर मौजूद रहा।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन, बैंकिंग निरीक्षण और संबंधित विभागों से अनुरोध किया है कि बैंक के पास उपलब्ध सभी दस्तावेजों, खाते के स्टेटमेंट और पीएम आवास योजना से जुड़ी सब्सिडी के प्रमाणों का औपचारिक मिलान कराकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। बैंक ने कहा है कि वह नियमों के अनुरूप कार्रवाई कर रहा है।
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