सतना जिले में संयुक्त संचालक (जेडी) के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक लापरवाही सामने आने पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटर में पदस्थ सहायक शिक्षक विभूतिभूषण पांडेय निरीक्षण के समय 13 नवंबर को विद्यालय में अनुपस्
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इसके अलावा माध्यमिक कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति कम थी, उनकी दक्षता भी संतोषजनक नहीं मिली और प्रयोगशाला लॉगबुक तथा उपस्थिति पंजी का उचित संधारण भी नहीं पाया गया। इन सभी कमियों को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर बीईओ कार्यालय नागौद से संबद्ध किया है।
तीन प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस
इसी दौरान मझगवां क्षेत्र में सीईओ द्वारा किए गए निरीक्षण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नकैला की माध्यमिक शाला पटनी तथा प्राथमिक शाला खुटहा में कई अनियमितताएं पाई गईं। कक्षाओं में शिक्षण कार्य संतोषजनक नहीं मिला, अभिलेख पूर्ण नहीं थे और विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही देखी गई।
इन खामियों के चलते प्रधानाध्यापक कोमल प्रसाद कोल सहित, माध्यमिक शाला मिचकुरिन और प्राथमिक शाला खुटहा के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें सात दिनों के अंदर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार शिक्षक निरीक्षण में अनुपस्थित
जिला शिक्षा अधिकारी की टीम ने शासकीय हाईस्कूल धवारी गली नंबर-5 का भी निरीक्षण किया। यहां शिक्षक सत्यप्रकाश कोल, रेनू समुद्रे, मीनू कुमारी और भावना गर्ग निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे भी तय समय सीमा में स्पष्टीकरण मांगा गया है, अन्यथा आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जिलेभर में विद्यालयों का निरीक्षण लगातार जारी रहेगा और शैक्षणिक गतिविधियों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षाओं की दक्षता और अभिलेखों का संधारण शिक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए जिन विद्यालयों में कमियां मिलेंगी, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।