दीवाली की रात श्मशान घाट पर क्या करते हैं तांत्रिक? आचार्य ने बताया खौफनाक सच

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Ujjain News: उज्जैन का श्मशान घाट तांत्रिकों के लिए बहुत विशेष दर्जा रखता है क्योंकि इस घाट को तीर्थ का दर्जा दिया गया है. यही वजह है कि दीवाली (Diwali 2025) की रात कई तांत्रिक शक्तियों को जागृत करने और सिद्धियां हासिल करने के लिए उज्जैन के इस श्मशान घाट आते हैं.

उज्जैन. हिंदू धर्म में सालभर में कई त्योहार आते हैं. इन्हीं उत्सवों में से एक त्योहार दीवाली का भी है. यह पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. दीवाली की रात जब सभी लोग दीपोत्सव के साथ लक्ष्मी पूजन में जुटे होते हैं, तब एक जगह ऐसी भी होती है, जहां तांत्रिक देर रात तक तंत्र-मंत्र की साधना में लीन रहते हैं. तंत्र विद्या सीखने वाले तांत्रिक इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं. मध्य प्रदेश के उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस रात का बेहद खास महत्व होता है. उन्होंने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि दरअसल हिंदू धर्म में कई तरह के ज्ञान और कला का प्रचलन है. इन्हीं में से एक है तांत्रिक विद्या, जिसे काला जादू के नाम से भी जानते हैं.

उन्होंने कहा कि तंत्र विद्या का प्रयोग किसी कार्य में जल्दी सफलता पाने के लिए भी किया जाता है. बहुत से लोग यह भी सोचते हैं कि यह क्रिया नुकसान पहुंचाने के लिए की जाती है. दीवाली की रात तांत्रिकों के लिए सबसे खास होती है. तांत्रिक दीवाली की रात तंत्र-मंत्र की साधना करते हैं. अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि टोने-टोटके यानी तंत्र विद्या की सिद्धि दीवाली, होली, गुप्त नवरात्रि या किसी शुभ मुहूर्त की रात्रि में की जाती है.

महाकाल की नगरी में तांत्रिकों का डेरा
धार्मिक नगरी उज्जैन में ऐसे कई मंदिर हैं, जो तंत्र क्रिया के लिए विशेष माने जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि यहां जो सिद्धि हासिल करता है, उसको कभी निराशा नहीं होती है. उज्जैन का श्मशान घाट भी तांत्रिकों के लिए विशेष माना जाता है क्योंकि इस श्मशान घाट को तीर्थ का दर्जा दिया गया है, इसलिए दीवाली की रात कई तांत्रिक शक्तियां जागृत करने और सिद्धियां हासिल करने के लिए उज्जैन के श्मशान घाट आते हैं. अन्य दिनों में भी असम, गुजरात, महाराष्ट्र सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से तंत्र साधक उज्जैन में क्षिप्रा नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पहुंचते हैं. यह चक्रतीर्थ तांत्रिकों के लिए तंत्र क्रिया का एक प्रमुख स्थान माना जाता है.

दीवाली की रात तंत्र-मंत्र के लिए क्यों खास?
दीवाली की रात को तंत्र क्रिया का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह रात महानिशा कहलाती है और इसे सिद्धियों की प्राप्ति के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस रात को अमावस्या के कारण विशेष ऊर्जा प्राप्त होती है, जो तंत्र साधना और लक्ष्मी पूजन के लिए अत्यधिक शक्तिशाली मानी जाती है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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दीवाली की रात श्मशान घाट पर क्या करते हैं तांत्रिक? आचार्य ने बताया खौफनाक सच

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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