नींद की गोलियां खाने से बढ़ सकता है हार्ट फेलियर का खतरा ! नई स्टडी में खुलासा, सिर्फ ऐसे लोग करें इस्तेमाल

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Melatonin and Heart Health: एक नई स्टडी में पता चला है कि मेलाटोनिन सप्लीमेंट का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है. इस स्टडी में एक साल तक मेलाटोनिन लेने वाले लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया था. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक शुरुआती स्टडी है और इससे कोई ठोस सबूत नहीं मिलता कि मेलाटोनिन ही हार्ट फेलियर का कारण है. इसलिए मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें.

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मेलाटोनिन सप्लीमेंट लेने से हार्ट फेलियर का रिस्क बढ़ सकता है.

Melatonin Link to Heart Health: शरीर में कई हॉर्मोन बनते हैं, जिनमें एक मेलाटोनिन (Melatonin) भी है. मेलाटोनिन शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक हार्मोन है, जो सोने और जागने के समय को कंट्रोल करता है. जब अंधेरा होता है, तो शरीर में मेलाटोनिन बढ़ने लगता है और हमें नींद आने लगती है. कई लोग मेलाटोनिन की गोलियां लेते हैं, ताकि उन्हें जल्दी नींद आ जाए और अनिद्रा की समस्या से राहत मिल सके. अमेरिका जैसे देशों में मेलाटोनिन सप्लीमेंट्स बिना डॉक्टर की पर्ची के भी मिल जाते हैं, इसलिए इनका खूब इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसे लेकर एक स्टडी में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक हालिया स्टडी में यह सवाल उठाया गया कि क्या मेलाटोनिन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. यह स्टडी अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की बैठक में प्रजेंट की गई, जिसमें नींद न आने की समस्या वाले हजारों लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया. इसमें पता चला कि जो लोग एक साल या उससे ज्यादा समय तक मेलाटोनिन लेते रहे, उनमें 4.6% लोगों को 5 साल में हार्ट फेलियर का सामना करना पड़ा, जबकि मेलाटोनिन न लेने वालों में यह संख्या 2.7% रही.

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्टडी से यह साबित नहीं होता कि मेलाटोनिन ही दिल की समस्या का प्रमुख कारण है. यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है, जो केवल मेलाटोनिन और हार्ट हेल्थ का संबंध दिखाती है. यह स्टडी इसके पीछे का कारण नहीं बताती है. मरीजों को इससे डरने की जरूरत नहीं है. यह सिर्फ एक शुरुआती अध्ययन है, इसलिए फिलहाल मेलाटोनिन बंद करने की सलाह नहीं दी जा सकती है. जो लोग डॉक्टर की सलाह से यह दवा ले रहे हैं, वे घबराएं नहीं.

हर देश में मेलाटोनिन के नियम अलग हैं. कुछ देशों में यह दवा केवल डॉक्टर के पर्चे से मिलती है, जबकि अमेरिका में यह आसानी से बाजार में मिल जाती है. अमेरिका के कई लोग इसका उपयोग करते हैं, लेकिन उनका डाटा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होता है. अध्ययन में यह नहीं बताया गया कि लोगों ने कितनी मात्रा में मेलाटोनिन ली. अमेरिका में मिलने वाले सप्लीमेंट्स पर सरकारी निगरानी भी नहीं होती, जिससे उनकी क्वालिटी में फर्क हो सकता है.

अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के डॉ. क्लाइड येंसी का कहना है कि हालिया स्टडी यह नहीं बताती कि मेलाटोनिन खतरनाक है, लेकिन यह भी साफ नहीं करती कि इसे लंबे समय तक लेना सुरक्षित है. डॉक्टर्स की सलाह है कि मेलाटोनिन का उपयोग सिर्फ थोड़े समय के लिए किया जाए. जिन लोगों को जेट लैग यानी कई देशों की यात्रा करने से होने वाली नींद की समस्या है, वे इसका यूज कुछ समय के लिए कर सकते हैं. अगर नींद बार-बार नहीं आती, तो बेहतर है कि नींद की आदतों को सुधारें. रात में मोबाइल या टीवी की ब्लू लाइट से दूर रहें, कमरे में अंधेरा रखें और सोने-जागने का समय तय करें.

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें

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नींद की गोलियां खाने से बढ़ सकता है हार्ट फेलियर का खतरा ! नई स्टडी में खुलासा

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