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मानिकपुर सीएचसी में तैनात डॉक्टर पवन ने बताया कि रोजाना खाली पेट करी पत्ते की 10 से 12 पत्तियां चबाने से न सिर्फ बाल काले और घने होते हैं, बल्कि चेहरा भी नेचुरल तरीके से ग्लो करने लगता है. करी पत्ता में आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन ए, सी और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं
चित्रकूट के ग्रामीण इलाकों में लोगों के घरों के आंगन या बाहर मैदानों में उगने वाला साधारण सा पौधा करी पत्ता जिसे लोग मीठी नीम भी कहते हैं,यह सेहत और सुंदरता के लिए किसी खजाने से कम नहीं है.आयुर्वेद में इसे अमृत तुल्य भी माना गया है।

मानिकपुर सीएचसी में तैनात डॉक्टर पवन ने बताया कि रोजाना खाली पेट करी पत्ते की 10 से 12 पत्तियां चबाने से न सिर्फ बाल काले और घने होते हैं, बल्कि चेहरा भी नेचुरल तरीके से ग्लो करने लगता है.

उनका मानना है कि करी पत्ता में आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन ए, सी और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और समय से पहले सफेद होने की समस्या को धीरे-धीरे कम करता है.

करी पत्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। रोजाना करी पत्ता चबाने से त्वचा पर बिना किसी क्रीम या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के प्राकृतिक चमक दिखने लगती है।

करी पत्ता को आयुर्वेद में नेचुरल डाइजेस्टिव टॉनिक कहा गया है. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और कब्ज, एसिडिटी व गैस जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाता है. ग्रामीण शहरी लोग अक्सर भोजन के बाद करी पत्ते का इस्तेमाल करते हैं.

डॉक्टर पवन का कहना है कि करी पत्ते का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद तत्व ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद भी करता है।इस लिए इसका सेवन करना चाहिए.

बता दे कि करी पत्ता पत्ते का सेवन शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है. यह वजन घटाने की प्रक्रिया को प्राकृतिक तरीके से आसान बनाता है.

डॉक्टर पवन का कहना है कि करी पत्ती का उपयोग करते समय एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, क्यों की काफी काफी यह सब चीजें लोगो को नुकसान भी पहुंचा सकतीं. इस लिए खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले.