सर्दियों में रखें बुजुर्गों का ख्याल, इस डाइट से नहीं जाना पड़ेगा अस्पताल

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Satna News: सर्दियों में गर्म तासीर वाले मिलेट्स जैसे- रागी, बाजरा, ज्वार आदि बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद हैं. दालें, मौसमी हरी सब्जियां और ताजे फल बेहतर प्रोटीन, मिनरल और फाइबर देते हैं.

सतना. सर्दियों का मौसम बुजुर्गों के लिए चुनौती लेकर आता है क्योंकि इस समय इम्युनिटी कमजोर पड़ने से बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. शरीर पर ठंड का असर जल्दी होता है, जिससे जोड़ों का दर्द, सर्दी-जुकाम, पाचन संबंधी दिक्कतें और कमजोरी आम बात बन जाती है. ऐसे में गलत खानपान या गरिष्ठ भोजन बुजुर्गों के लिए जोखिम बढ़ा देता है और कई बार इलाज पर भारी खर्चा भी उठाना पड़ जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस मौसम में डाइट पर सावधानी बरती जाए, तो बुजुर्ग पूरे सीजन फिट, एनर्जेटिक और एक्टिव रह सकते हैं.

मध्य प्रदेश के सतना की डायटिशियन ममता पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उम्र बढ़ने के साथ इम्युनिटी वीक हो जाती है, इसी वजह से बुजुर्गों को ठंड जल्दी लगती है. ठंडी हवाओं के बीच उनका शरीर तापमान बनाए रखने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है, जिससे मेटाबोलिज्म धीमा पड़ जाता है. इस दौरान उन्हें ऐसा भोजन देना जरूरी है, जो आसानी से पच जाए, शरीर को गर्म रखे और पर्याप्त पोषण दे. बुजुर्गों के दिन की शुरुआत गर्म और हल्के ब्रेकफास्ट से होनी चाहिए. 9 से 10 बजे के बीच समय पर नाश्ता, दोपहर तक पौष्टिक लंच और शाम ढलने से पहले डिनर उनकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है. ठंडी चीजों और तले-भुने भोजन से दूरी बनानी चाहिए क्योंकि यह पाचन को प्रभावित कर सकता है.

डाइट में क्या-क्या शामिल करें?
उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में गर्म तासीर वाले मिलेट्स जैसे- रागी, ज्वार, बाजरा आदि बुजुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद हैं. दालें, सीजनल हरी सब्जियां और ताजे फल उन्हें बेहतर प्रोटीन, मिनरल और फाइबर देते हैं. दूध को डाइट में शामिल करना जरूरी है क्योंकि यह कैल्शियम और विटामिन बी12 का अच्छा स्रोत है. सूप, ग्रीन टी, दलिया और खिचड़ी जैसे हल्के भोजन रात के लिए उपयुक्त होते हैं. इसके अलावा तिल, अलसी और खजूर सर्दियों के सुपरफूड माने जाते हैं. यदि इनसे लड्डू बनाकर बुजुर्गों को दिया जाए, तो जोड़ों में दर्द की समस्या में भी राहत मिल सकती है.

किन चीजों से बचना जरूरी है?
डायटिशियन के अनुसार, बुजुर्गों को पैक्ड फूड, डीप फ्राई आइटम्स और ठंडी चीजों से विशेष तौर पर बचना चाहिए. दही भी दिन के समय ही खाना चाहिए और वह भी ताजा. रात को दही बिल्कुल न खाएं क्योंकि यह सर्दी और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है. इसके अलावा पर्याप्त धूप और अच्छी नींद सर्दियों में दवा से कम नहीं होती. धूप से मिलने वाला विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाता है और पूरी सेहत पर सकारात्मक असर डालता है.

सही डाइट, समय पर भोजन, गर्माहट भरे विकल्प और हल्का खाना. ये चार बातें बुजुर्गों की सर्दियों को सुरक्षित स्वस्थ और आरामदायक बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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