Success Story: जोधपुर की सड़कों पर चलती एक छोटी सी कार आज सिर्फ चाय नहीं बेच रही, बल्कि पिता-पुत्री के रिश्ते की एक खूबसूरत कहानी बयां कर रही है. “पापा जी की चाय” नाम की यह मोबाइल कैफे वैन एक बेटी के प्यार और सोच का नतीजा है, जिसने अपने ऑटो चलाने वाले पिता को नई पहचान दिलाई. कभी जिस काम को बताने में बेटी झिझकती थी, आज उसी मेहनत पर उसे गर्व है. कबाड़ कार को कैफे में बदलकर बेटी ने साबित कर दिया कि सच्चे हौसले और रिश्तों की ताकत से जिंदगी की तस्वीर बदली जा सकती है.
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