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Success Story: कभी सोचा है कि एक गांव की गरीब लड़की, जिसकी मां 5 साल की उम्र में गुजर गईं हो, पिता मजदूर थे और स्कूल छोड़ना पड़ा, वो एक दिन दुनिया की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला बन जाएगी? जी हां, ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक लड़की की असली जिंदगी है. आज वो लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी टचस्क्रीन बनाने वाली कंपनी है.
गांव में पैदा हुए किसी भी शख्स के सपनों का कई लोग मजाक बना देते हैं, लेकिन आज बात एक ऐसी महिला की हम करने जा रहे हैं, जिन्होंने गांव की मिट्टी में जन्म लिया और करके दुनिया की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला का ताज पहना है.

चीन में जन्मी झोउ क्यूयू फे (Zhou Qunfei) नाम की महिला आज लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन हैं. उनकी कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी टचस्क्रीन बनाने वाली है. लेकिन सफर आसान नहीं था.

झोउ का जन्म 1970 में हुआ था. वो एक छोटे से गांव में पैदा हुईं. मां की मौत हो गई जब वो महज पांच साल की थीं. पिता मजदूर थे, लकड़ी का काम करते थे. घर में पैसे की इतनी तंगी कि झोउ को स्कूल छोड़ना पड़ा. वो घर का काम संभालने लगीं. लेकिन पढ़ने का शौक था. शाम को मोमबत्ती की रोशनी में किताबें पढ़तीं.

फिर 16 साल की उम्र में गांव छोड़ा और शहर की तरफ रुख किया. वो फैक्ट्री में काम करने लगीं. पहले घड़ी बनाने वाली फैक्ट्री में. वहां उन्हें ग्लास कटिंग सिखाई गई. लेकिन झोउ को लगा ये सीख तो जीवन भर काम आएगी.

फिर 1988 में शेन्ज़ेन पहुंचीं. वो चीन का वो शहर है जो फैक्ट्रीज का हब है. वहां कई कंपनियों में जॉब बदलीं. हर जगह नई स्किल सीखीं. लेकिन बॉस के ताने सुन-सुनकर तंग आ गईं. एक बार तो बोला गया कि लड़कियां फैक्ट्री का काम नहीं कर सकतीं. फिर 1993 में उन्होंने अपना रास्ता चुना. सिर्फ 3000 युआन यानी करीब 500 डॉलर लेकर अपना बिजनेस शुरू किया. दोस्तों के साथ मिलकर ग्लास प्रोडक्ट्स की छोटी कंपनी खोली. शुरू में मोबाइल फोन के लिए ग्लास बनाया. लेकिन क्वालिटी पर फोकस किया. ग्राहक खुश हुए, ऑर्डर धीरे-धीरे बढ़ने लगे.

2003 में कंपनी का नाम रखा लेंस टेक्नोलॉजी. आज ये दुनिया की नंबर वन टचस्क्रीन मैन्युफैक्चरर है. एप्पल, सैमसंग, एचपी जैसे बड़े ब्रांड्स इसके क्लाइंट हैं. कर्मचारियों की संख्या लाखों में पहुंच गई. कंपनी का वैल्यूएशन 6 बिलियन डॉलर हो गया है. झोउ की नेट वर्थ 7.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 60,000 करोड़ रुपए. फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला कहा गया.

उनके लिए गांव की लड़की से लेकर सक्सेस क्वीन तक का सफर आसान नहीं था. लेकिन हर मुश्किल ने मजबूत बनाया. आज भी वो कंपनी को लीड करती हैं और महिलाओं को इंस्पायर करती हैं.
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