Success Story: शिवपुरी जिले में अब महिलाएं मेहनत और हौसले के दम पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं. जो महिलाएं पहले खेतों और अलग-अलग जगहों पर मजदूरी करने को मजबूर थीं, आज वही महिलाएं खुद का काम शुरू कर दूसरी महिलाओं को रोजगार दे रही हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी शिवपुरी जिले के मोहराई गांव की रहने वाली भगवती चंदेल की है. भगवती कभी खेतों में मजदूरी करती थीं, लेकिन आज मधुमक्खी पालन के जरिए खुद का काम और दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने 100 सहायता समूह के जरिए उनको मधुमक्खी के लिए 400 पिंजरे दिए, जिनके जरिए उन्होंने काम करना शुरू किया और आज उनकी मेहनत चेहरे पर साफ झलक रही है. उनसे मिलने वाले शुद्ध शहद की पैकिंग कर वह बाजार में बेच रही हैं. इस काम में उनके साथ गांव की कई महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें रोजगार मिला है.
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