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Success Story: ‘कोई भी काम सीखने के लिए कभी उम्र नहीं देखनी चाहिए..’ ये लाइन तो आपने कई बार सुनी होगी. लेकिन इस बात को कुछ ही लोग साबित करके दिखाते हैं. एक महिला जोकि 63 साल की थी उसने तुलसी से ही ऐसा बिजनेस बना डाला जिसका प्रोडक्ट हर घर में यूज हो रहा है.
क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण महिला आपकी जिंदगी बदल सकती है? 63 साल की अंजू ने तो यही कर दिखाया. अमेरिका में 25 साल की नौकरी छोड़कर भारत लौटीं अंजू को भारत के किसानों का दर्द ऐसा छू गया कि उन्होंने इतनी ज्यादा उम्र में भी काम शुरू किया.

अंजू ने देखा कि भारत में किसान भाइयों के पास तो एकड़ों जमीन थी, लेकिन जेबें खाली. अंजू ने ठान लिया, इनकी मदद करनी है. उन्होंने किसानों से एक छोटा सा प्लॉट किराए पर लिया और उन्हें नौकरी दी.

उन्होंने सोचा, विदेशी जड़ी-बूटियां उगाकर बेचेंगीं, अच्छा बिजनेस बनेगा. लेकिन क्या पता, यह प्लान फेल हो जाएगा. कोई खरीदार ही नहीं मिला. पॉटेड प्लांट्स बिके नहीं, नुकसान हुआ और अतिरिक्त हर्ब्स जमा हो गए.

अंजू निराश नहीं हुईं. उन्होंने दिमाग लगाया और एक शानदार आइडिया सोचा. अंजू ने तुलसी को ही पेस्टो डिप में बदल दिया. शहर के छोटे-छोटे दुकानों में विन ग्रीन्स फार्म्स के नाम से बेचना शुरू किया और फिर धीरे-धीरे कमाल हो गया! लोग इतना पसंद करने लगे कि वर्ड ऑफ माउथ से ही बिक्री आसमान छूने लगी.

अंजू को अहसास हुआ, भारत में अमेरिका जैसी हेल्दी और असली डिप्स-सॉसेस तो बिकते ही नहीं. उन्होंने 20 से ज्यादा वैरायटी लॉन्च कीं. किसानों की मदद भी जारी रखी. और फिर Wingreens farms ने बाजार पर कब्जा जमा लिया. पीक टाइम में 90% मार्केट शेयर, और आज सालाना 250 करोड़ से ज्यादा की सेल्स हो रही है.

अंजू की यह कहानी हर भारतीय के लिए प्रेरणा है. विदेश की चकाचौंध छोड़कर घर लौटना आसान नहीं, लेकिन जज्बा हो तो कुछ भी संभव. उन्होंने न सिर्फ अपना साम्राज्य खड़ा किया, बल्कि हजारों किसानों को समृद्ध बनाया. तुलसी जैसी हमारी देसी जड़ी-बूटी को डिप्स में बदलकर उन्होंने दिखा दिया कि सफलता का स्वाद देसी ही सबसे मीठा होता है.

आज Wingreens farms की डिप्स हर किचन में हैं, और अंजू की मुस्कान में छिपी है वह खुशी जो सच्ची मदद से मिलती है. अंजू का जस्बा ये भी साबित करता है कि भारत के स्टार्टअप्स में जादू है, बस हिम्मत चाहिए.
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