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Success Story: दरभंगा की सबीना खातून ने तीन कट्ठा जमीन में देसी घीरा उगाया है. वर्मी कंपोस्ट से छह महीने तक बंपर पैदावार और अच्छी आमदनी हासिल की. साथ ही मोटी कमाई कर रही है.
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले में एक किसान परिवार ने उन्नत और जैविक खेती के जरिए मुनाफा कमाने की एक नई मिसाल कायम की है. यहां की एक महिला किसान सबीना खातून ने महज तीन कट्ठा जमीन में घीरा (स्पंज गार्ड) की ऐसी देसी किस्म उगाई है, जो न केवल बंपर पैदावार दे रही है, बल्कि अपनी अनूठी खासियत के कारण बाजार में हाथों-हाथ बिक रही है.
सबीना खातून बताती हैं कि यह एक लोकल देसी वैरायटी का घीरा है. जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे तोड़ने के तीन दिन बाद भी यह बिल्कुल ताजा बना रहता है. इस अनोखे गुण के कारण बाजार में इसकी मांग काफी ज्यादा है. उन्होंने बताया कि उन्होंने ढीली मिट्टी में इसकी बुवाई की थी और वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) का इस्तेमाल किया. नियमित सिंचाई और देखभाल के बाद महज दो महीने में ही फसल तैयार हो गई. अब इस छोटे से खेत से उन्हें रोजाना 25 से 30 किलोग्राम घीरा मिल रहा है, जिसे वे स्थानीय बाजार में 40 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बेचकर अच्छी आमदनी कर रही हैं.
खेत में छह महीने तक पैदावार
इस खेती की सफलता के पीछे वर्मी कंपोस्ट का अहम योगदान है. सबीना खातून का कहना है कि वे अपनी सभी सब्जियों की खेती में रासायनिक खाद की जगह वर्मी कंपोस्ट का ही उपयोग करती हैं. इससे न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. एक बार फसल लगाने के बाद यह खेत में छह महीने तक पैदावार देती है. जिसके बाद वे दूसरी फसल की तैयारी करती हैं.
दरभंगा के इन किसानों की सफलता यह दिखाती है कि पारंपरिक ज्ञान और जैविक खेती के आधुनिक तरीकों का संगम करके छोटे किसान भी अपनी आय बढ़ा सकते हैं. घीरा जैसी फसल सेहत के लिए फायदेमंद है और जिसकी शेल्फ-लाइफ भी अच्छी हो, बाजार में किसानों को बेहतर मुनाफा दिला सकती है. यह उदाहरण क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है, जो रासायनिक खेती के विकल्पों की तलाश में हैं.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें
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