स्टडी का दावा- इन 4 कारणों से होते हैं 99% हार्ट अटैक और स्ट्रोक, कंट्रोल करके बच सकती है जान

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What Cause Heart Attack: हार्ट अटैक और स्ट्रोक अचानक नहीं आते. शरीर पहले से संकेत देता है. 2025 में प्रकाशित हुई स्टडी में इसके साफ प्रमाण मिलते हैं. इस स्टडी में ऐसे 4 रिस्क फैक्टर की पहचान हुई है, जो 99 प्रतिशत मरीजों में सामान्य रूप से थे.

अक्सर यह माना जाता है कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक अचानक हो जाते हैं, बिना किसी चेतावनी के. लेकिन एक नई और बड़ी हेल्थ स्टडी ने इस सोच को गलत साबित किया है. अमेरिका और दक्षिण कोरिया के 90 लाख से ज्यादा वयस्कों के हेल्थ आंकड़ों पर आधारित इस शोध में सामने आया है कि दिल की गंभीर बीमारियां लगभग कभी भी बिना संकेत के नहीं होतीं.

स्टडी के अनुसार, जिन लोगों को हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेल्योर हुआ, उनमें से लगभग सभी में पहले से कुछ आम लेकिन खतरनाक जोखिम मौजूद थे. यह शोध 2025 में जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है और यह बताता है कि समय रहते सावधानी बरतकर इन जानलेवा बीमारियों से बचा जा सकता है.

4 बड़े जोखिम कारक
इस अध्ययन में चार मुख्य जोखिम कारकों की पहचान की गई है, जो दिल की बीमारी से पहले लगभग हर मरीज में पाए गए. इसमें हाई ब्लड प्रेशर, हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड शुगर, तंबाकू का सेवन. शोध के अनुसार, इन चारों में से कम से कम एक जोखिम कारक 99 प्रतिशत हार्ट संबंधित घटनाओं से पहले मौजूद था.

महिलाओं में भी साफ संकेत
यह बात खास तौर पर चौंकाने वाली है कि 60 साल से कम उम्र की महिलाओं में, जिन्हें आमतौर पर कम जोखिम वाला माना जाता है वहां भी 95 प्रतिशत से ज्यादा हार्ट अटैक और स्ट्रोक इन्हीं जोखिम कारकों से जुड़े थे.

सबसे बड़ा खतरा- हाई ब्लड प्रेशर
चारों जोखिमों में से हाई बीपी सबसे आम पाया गया है. अमेरिका और दक्षिण कोरिया दोनों देशों में जिन लोगों को हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेल्योर हुआ, उनमें से 93 प्रतिशत से ज्यादा को पहले से हाई ब्लड प्रेशर था. इसका मतलब है कि अगर ब्लड प्रेशर को समय पर कंट्रोल कर लिया जाए, तो दिल की गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.

डॉक्टरों की राय
इस स्टडी के वरिष्ठ लेखक और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के हार्ट डिजीज एक्सपर्ट डॉ. फिलिप ग्रीनलैंड के अनुसार यह शोध साफ दिखाता है कि दिल की बीमारी से पहले लगभग हमेशा कोई न कोई कंट्रोल किया जा सकने वाला जोखिम मौजूद होता है. उनका कहना है कि अब ध्यान ऐसे कारणों पर देना चाहिए, जिन्हें बदला और कंट्रोल किया जा सकता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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स्टडी का दावा- इन 4 कारणों से होते हैं 99% हार्ट अटैक और स्ट्रोक

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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