फूल रहा था पेट, लगा गैस है? डॉक्टरों ने देखा तो था 8 kg का दुर्लभ ट्यूमर, 3 घंटे चला ऑपरेशन

पटना: राजधानी पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान यानी आईजीआईएमएस ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है. आज यानी 15 दिसंबर को संस्थान के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग द्वारा एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. इस ऑपरेशन के जरिए मरीज के पेट से करीब 8 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर को पूरी तरह सुरक्षित निकाला गया.

लगातार फूल रहा था पेट, आ रही थी डकार
सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि बेगूसराय निवासी 60 वर्षीय अधेड़ मरीज पेट फूलने, अपच और लगातार डकार आने की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंचे थे. शुरुआती दिनों में मरीज को लगा कि यह तो गैस है लेकिन यह गैस नहीं बल्कि भयानक बीमारी की आहट थी. हालात बिगड़ने पर मरीज को पहले बेगूसराय के चिकित्सक द्वारा आईजीआईएमएस रेफर किया गया था. प्रारंभिक जांच के बाद जब सीटी स्कैन कराया गया, तब पेट के भीतर एक बड़े और जटिल ट्यूमर की पुष्टि हुई.

खतरनाक स्थिति में था ट्यूमर
डॉ. मनीष मंडल के अनुसार यह ट्यूमर बेहद खतरनाक स्थिति में था, क्योंकि यह पेट की प्रमुख धमनियों और नसों के बेहद करीब था. साथ ही छोटी और बड़ी आंत से भी सटा हुआ था. ऐसी स्थिति में ऑपरेशन के दौरान गंभीर ब्लड लॉस और जान का खतरा बना रहता है. इसी कारण इस केस को हाई रिस्क सर्जरी की श्रेणी में रखा गया.

मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डॉ. मनीष मंडल ने विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग और निश्चेतना विभाग से समन्वय स्थापित किया. सभी विभागों की संयुक्त तैयारी और लंबी प्लानिंग के बाद इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

करीब तीन घंटे चला ऑपरेशन 
करीब तीन घंटे तक चले इस कठिन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत सावधानी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए ट्यूमर को पेट से पूरी तरह बाहर निकाला. बाहर निकला ट्यूमर देखने में सिर, गर्दन और धड़ जैसे आकार का प्रतीत हो रहा था, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया. इसका वजन लगभग 8 किलोग्राम था.

अत्यंत दुर्लभ प्रकार का था ट्यूमर
डॉक्टरों के अनुसार यह ट्यूमर एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का है. इसके मामले पूरी दुनिया में बहुत कम देखने को मिलते हैं. ऐसे ट्यूमर का न केवल निदान बल्कि सर्जिकल उपचार भी चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती माना जाता है. आईजीआईएमएस में इस प्रकार का सफल ऑपरेशन होना संस्थान की क्षमता और विशेषज्ञता को दर्शाता है. इस ऑपरेशन को डॉ. मनीष मंडल के नेतृत्व में डॉ. साकेत कुमार, डॉ.अभिमन्यु, डॉ. दानिश, डॉ. सुगीत तथा निश्चेतना विभाग से डॉ. नितिन ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया. टीमवर्क, अनुभव और तकनीकी दक्षता के कारण यह जटिल सर्जरी बिना किसी गंभीर जटिलता के पूरी की जा सकी.

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