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Ayurvedic Treatment for gas bloating: सर्दी आते ही पेट का बंटाधार होना शुरू हो जाता है. हमेशा पेट में गैस भरी रहती है, पेट फूल जाता है और अपच, जलन से मन में खींझ सी बनी रहती है. आखिर इसका इलाज क्या है. अगर आप अंग्रेजी दवा से परेशान हो चुके हैं तो इस बार कुछ आयुर्वेदिक इलाज कीजिए. एक आयुर्वेदिक डॉक्टर ने इसका बेहद शानदार इलाज बताया है.
Ayurvedic Treatment for gas bloating: सर्दी आते ही पेट से संबंधित फूलने की समस्या, गैस की समस्या, अपच की समस्या, कब्ज की समस्या आदि बढ़ जाती है. इन सबसे मन में खींझ बढ़ जाती है. दरअसल, तापमान घटने के साथ ही शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं. इसका सबसे ज्यादा असर पाचन पर ही पड़ता है. इसमें मेटाबोलिज्म स्लो होने लगता है. इसी कारण पेट से संबंधित कई समस्याएं होने लगती है और शरीर में कमजोरी, थकान और आलस भरने लगती है. इन सबका आयुर्वेद में बेहद शानदार इलाज है. आयुर्वेद में इसे अग्निबंध कहा जाता है. टीओआई में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. मीनाक्षी बाइसेन ने अग्निबंध का आसान इलाज बताया है.
सर्दी में वात्त और कफ दोष बढ़ जाता
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी बिसेन बताती हैं कि ठंड के मौसम में स्वाभाविक रूप से वात (हवा/आकाश) और कफ (जल/पृथ्वी) दोष बढ़ जाते हैं. इनसे अग्नि यानी पाचन शक्ति कमजोर पड़ सकती है. ठंड में भूख तो बढ़ती है लेकिन ये गलत तरीके से खाना सुस्ती, गैस और शरीर में जमा अपच और विषैले तत्व को बढ़ा सदेते हैं. ऐसे में आंतों की सेहत का कमजोर होना आम बात है. इसलिए आयुर्वेद ऐसे खान-पान और आदतों पर ध्यान देने के लिए कहा जाता है जिनकी तासीर गर्म हो और आसानी से पचने वाले हों. दूसरे शब्दों में, सर्दी सिर्फ सूप और शॉल का मौसम नहीं है बल्कि पाचन तंत्र को सचेत रूप से पोषित करने का समय है. फिर क्या करें.
फिर क्या करें
डॉ. मीनाक्षी बिसेन कहती हैं कि ठंडा पानी या ठंडी तासीर वाली खाद्य सामग्री अग्नि यानी पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है. इसलिए सबसे पहला काम यही करें कि ठंडी तासीर वाली चीजें न खाएं और न पिएं. वहीं गर्म पेय पाचन अग्नि को प्रज्वलित करने और अम यानी टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं. इसलिए गर्म तासीर वाली चीजें खाएं और पिएं. यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक क्लिनिकल अध्ययन में भी पाया गया है कि बहुत ठंडा पानी पीने से पेट की संकुचन क्रिया कम हो जाती है और ऊर्जा सेवन घट जाता है. इससे पाचन प्रक्रिया का स्लो होना लाजिमी है. इसलिए सर्दी में ठंडा पानी न पिएं, हल्का गुनगुना कर पानी पिएं. अब सवाल आता है कि शरीर में गर्मी लाने वाली क्या-क्या चीजें हैं.
गर्म तासीर वाली चीजें
डॉ. बिसेन के अनुसार सर्दी के दिनों में आपको गर्म, पका हुआ भोजन करना चाहिए. इसमें सूप, स्ट्यू और दलिया विशेष रूप से अच्छे विकल्प हैं. खासकर खिचड़ी (चावल और मूंग दाल से बनी) को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह संपूर्ण, त्रिदोष-शामक और आंतों की परत के लिए पुनर्स्थापित करने वाला भोजन है. इसके साथ गरमाहट देने वाले अनाज और सब्ज़ियां खाएं. पकी हुई क्विनोआ, ब्राउन राइस, ओट्स और मौसमी कंद सब्ज़ियां जैसे कि गाजर, शकरकंद को उचित मसालों के साथ खाएं. घी का उपयोग भी करें. घी अग्नि का मध्यस्थ माना जाता है जो पाचन का समर्थन करता है और बिना टॉक्सिन उत्पन्न किए आंतों को चिकनाई प्रदान करता है. चाय में आप जीरा, धनिया, सौंफ की चाय बनाएं. भोजन के बाद पाचन को बढ़ाने और गैस कम करने में यह चाय अत्यंत प्रभावी मानी जाती है.
इन चीजों से बचना भी जरूरी
डॉ. बिसेन ने कुछ चीजों से बचने की भी सलाह दी है क्योंकि ये चीजें ठंडी, भारी और टॉक्सिन बढ़ाने वाली होती हैं. उन्होंने बताया कि कच्चा और ठंडा भोजन न करें. जैसे कि कच्चा सलाद, कोल्ड स्मूदी और बर्फ़ीले पेय सीमित करें. ये सीधे अग्नि को दबा देते हैं जिससे शरीर को इन्हें गर्म करने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है.अधिक मात्रा में ठंडा दही, हार्ड चीज़ और आइसक्रीम से बचें, विशेषकर रात में. ये कफ और म्यूकस बढ़ाते हैं, जो पाचन-मार्ग को बाधित कर सकते हैं. अधिक यीस्टयुक्त यानी प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन न करें. ये भारी होते हैं और पचाने में अधिक ऊर्जा मांगते हैं. अक्सर इनमें फर्मेटेशन बढ़ जाता है, जिससे आम का निर्माण होता है.
Excelled with colors in media industry, enriched more than 19 years of professional experience. Lakshmi Narayan is currently leading the Lifestyle, Health, and Religion section at News18. His role blends in-dep…और पढ़ें
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