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Inspiration Story: खंडवा की विशाखा पाराशर ने इतिहास रच दिया है. उनकी कहानी कई लोगों को प्रेरणा दे रही है. रीढ़ की हड्डी टूट जाने के बाद भी उनका हौसला कम नहीं हुआ और वे नेशनल चैंपियन बनी.
खंडवा. शहर की बेटी विशाखा पाराशर की कहानी साहस और जज्बे की मिसाल है. बचपन से ही खेलों में सक्रिय विशाखा ने स्कूल की हर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. लेकिन एक हादसे ने उनकी दुनिया ही बदल दी. दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, डॉक्टरों ने उन्हें खड़े होने की संभावना नहीं बताई. कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया और परिवार के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी. कई लोग उन्हें “बेचारी” कहते थे, लेकिन विशाखा ने हार नहीं मानी. आठ साल तक बिस्तर पर रहने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी और मानसिक दृढ़ता के बल पर खुद को संभाला.
मन की हार इंसान को रोकती है
विशाखा का मानना है, “शरीर की कमजोरी नहीं, मन की हार इंसान को रोकती है.” उन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत में बदल दिया और दिव्यांग युवाओं के लिए एक मिसाल बन गईं. वह स्कूल और कॉलेजों में जाकर छात्रों को मोटिवेट करती हैं. उनकी कहानी सुनकर कई युवा अपने जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की हिम्मत पाते हैं.
हौसला मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल राह आसान
उनकी उपलब्धियों में कई राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान शामिल हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने भी उनके संघर्ष और सफलता को सराहा. विशाखा का सपना है कि वह भविष्य में पैरा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करें. इसके लिए वह रोज घंटों मेहनत करती हैं. उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल राह आसान हो सकती है. विशाखा का संदेश साफ है – “अगर जिंदगी ने तुम्हें गिराया है, तो उठने की कोशिश जरूर करो. कोशिश करने वाले ही इतिहास लिखते हैं.” उनके संघर्ष और जीत की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जीवन की किसी चुनौती से हार मान बैठा है.
खंडवा की विशाखा पाराशर ने साबित कर दिया कि सीमाएं शरीर में नहीं, दिमाग में होती हैं. हादसे ने उनकी रीढ़ तोड़ दी थी, लेकिन हिम्मत नहीं. आज वह अपनी मुस्कान और मेडल्स से दुनिया को दिखा रही हैं कि असली जीत शरीर की नहीं, आत्मा की होती है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें
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