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Khargone News: धर्मेंद्र सिंह ने लोकल 18 से कहा कि आज उनकी दुकान पर पूरे दिन में करीब 10 से 15 लीटर कड़ी की खपत हो जाती है. केवल 20 रुपये में ग्राहकों को कचौरी, स्वादिष्ट कड़ी और खास हरी और लाल चटनी के साथ नाश्ता परोसा जाता है.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नाश्ते की दुकानों की कोई कमी नहीं है. शहर हो या ग्रामीण इलाका, हर जगह सादी कचौरी (कचौड़ी), समोसा, पोहा और चाय आसानी से मिल जाती है. कुछ दुकानों पर कचौरी छोले भी परोसे जाते हैं लेकिन एक ऐसी दुकान है, जहां कचौरी का स्वाद आम से बिल्कुल अलग पहचान बना चुका है. यहां मिलने वाली स्पेशल कड़ी कचौरी आज लोगों की पहली पसंद बन गई है, जिसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. पूरे दिन यहां ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है. जिले के मंडलेश्वर में कोर्ट गेट के पास संचालित विनायक होटल एंड रेस्टोरेंट इन दिनों खासा चर्चा में है. अन्य दुकानों की तरह यहां भी पोहा, जलेबी, चाय, कचौरी और समोसा मिलते हैं लेकिन इस होटल की असली पहचान यहां की कड़ी कचौरी है, जिसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. कुछ ही वर्षों में यह डिश इतनी फेमस हो गई कि इंदौर तक से लोग सिर्फ कड़ी कचौरी खाने यहां पहुंचते हैं.
होटल संचालक धर्मेंद्र सिंह पटेल लोकल 18 को बताते हैं कि उन्हें होटल चलाते हुए चार साल से अधिक का समय हो चुका है. आमतौर पर कचौरी को सेव या छोले के साथ परोसा जाता है. उन्होंने एक नए प्रयोग के तौर पर कचौरी को कड़ी और चटनी के साथ परोसना शुरू किया था. शुरुआत में यह प्रयोग था लेकिन ग्राहकों ने इसे खूब पसंद किया. धीरे-धीरे कड़ी कचौरी ही उनकी दुकान की सबसे ज्यादा बिकने वाली डिश बन गई.
20 रुपये में फुल प्लेट कड़ी कचौरी
धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, आज उनकी दुकान पर पूरे दिन में करीब 10 से 15 लीटर कड़ी की खपत हो जाती है. महज 20 रुपये में ग्राहकों को कचौरी, स्वादिष्ट कड़ी और खास लाल और हरी चटनी के साथ नाश्ता परोसा जाता है. कम कीमत और बेहतरीन स्वाद की वजह से हर वर्ग के लोग यहां आसानी से पहुंच रहे हैं. यही कारण है कि दुकान पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है.
सस्ते दाम में अन्य नाश्ते भी उपलब्ध
कड़ी कचौरी के अलावा विनायक होटल में 10 रुपये में सादा समोसा, कचौरी, पोहा, चाय और फाफड़ा जैसा नाश्ता भी मिलता है. खास बात यह है कि यहां हर समय गरमा-गरम कचौरी और ताजी कड़ी उपलब्ध रहती है. साफ-सफाई और शुद्धता का भी विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
पांच किलोमीटर दूर से आते हैं खाने
ग्राहक राजेश पवार लोकल 18 को बताते हैं कि वह पिछले कई सालों से यहां के रेगुलर ग्राहक हैं. वह शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर रहते हैं लेकिन कड़ी कचौरी खाने के लिए रोजाना मंडलेश्वर आते हैं. उनका कहना है कि यहां की कड़ी कचौरी जैसा स्वाद कहीं और नहीं मिलता. कीमत भी ज्यादा नहीं है और गुणवत्ता हमेशा बनी रहती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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