किसी का हेल्थ पर फोकस, कोई नशा और मोबाइल से बनाएगा दूरी, जानें युवाओं के न्यू ईयर रेजोल्यूशन

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New Year Resolutions: नए साल शुरू होने के साथ बहुत से लोग कुछ नया काम भी शुरू करते हैं. ऐसे में लोकल18 की टीम ने खरगोन जिले के युवाओं और अन्य वर्ग के लोगों से बातचीत की. इस दौरान अलग-अलग सोच और लक्ष्य सामने आए. कोई अपनी सेहत को लेकर गंभीर है तो कोई नशे और मोबाइल की लत से बाहर निकलना चाहता है. कोई समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है.

खरगोन: साल 2026 की शुरुआत हो गई है. नए साल का पहला दिन कई लोगों के लिए नए संकल्प और नई उम्मीदों का अवसर होता है. हर कोई चाहता है कि आने वाला साल बीते वर्षों से बेहतर हो. जो काम पिछले साल पूरे नहीं हो सके, वे इस साल जरूर पूरे हों. इसी सोच के साथ लोग नए साल में कुछ पुरानी आदतों को छोड़ने और कुछ अच्छी आदतों को अपनाने का संकल्प लेते हैं. इन्हीं संकल्पों को नए साल के रेजुलेशन कहा जाता है.

बीते कुछ वर्षों में बदलती जीवनशैली, बढ़ता मानसिक तनाव और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता के चलते लोगों की प्राथमिकताएं भी बदली हैं. नए साल 2026 के रेजुलेशन को लेकर लोकल18 की टीम ने खरगोन जिले के युवाओं और अन्य वर्ग के लोगों से बातचीत की. इस दौरान अलग-अलग सोच और लक्ष्य सामने आए. कोई अपनी सेहत को लेकर गंभीर है तो कोई नशे और मोबाइल की लत से बाहर निकलना चाहता है. कोई समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है. वहीं कुछ युवाओं में देश सेवा, खेलों में मेडल जीतने और फौज में भर्ती होने जैसे संकल्प भी देखने को मिल रहे हैं.

नशा छोड़ने का संकल्प
खरगोन निवासी बलराम बर्मन ने नए साल से नशा छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि 2026 की शुरुआत से वे किसी भी तरह का नशा या विषैले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे. उनका मानना है कि नशा न सिर्फ व्यक्ति की सेहत खराब करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है. बलराम ने बताया कि वे अब अपनी फिटनेस पर ध्यान देंगे. बाहर का खाना छोड़कर सिर्फ घर का बना पौष्टिक भोजन ही करेंगे. साथ ही वे दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे.

मेडल जीतने और फौजी बनने का सपना
आचार्य मंडन मिश्र शासकीय कॉलेज के राज्य स्तरीय खिलाड़ी अरुण मोरे ने बताया कि वे 10 और 21 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेते हैं. उन्होंने कहा कि 2025 में वे नेशनल स्तर पर नहीं खेल पाए, जिसका उन्हें मलाल है. 2026 में उनका लक्ष्य कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर मेडल दिलाना है. अरुण ने बताया कि उनका दूसरा बड़ा रेजुलेशन फौजी बनना है. इसके लिए वे सोशल मीडिया और मोबाइल का उपयोग कम करेंगे और तैयारी पर पूरा फोकस रखेंगे. उन्होंने कहा कि 2025 में हाइट की वजह से वे बाहर हो गए थे, लेकिन अगली बार पूरी मेहनत के साथ फिर प्रयास करेंगे.

परिवार की सेहत को प्राथमिकता
फोटो कॉपी एवं ऑनलाइन सेंटर संचालक जितेंद्र वासुरे ने कहा कि 2026 में वे अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे. नए साल से अपनी दिनचर्या में बदलाव करेंगे. नियमित व्यायाम करेंगे और शुद्ध व पौष्टिक भोजन अपनाएंगे. साथ ही वे अपने विचारों में भी सकारात्मकता और शुद्धता लाने का प्रयास करेंगे.

युवाओं को जागरूक करने का संकल्प
योगा के नेशनल खिलाड़ी भूपेंद्र कनाड़े ने बताया कि नए साल में उनका पहला संकल्प बीते वर्षों की गलतियों और नाकामियों से सीख लेकर फिर से आगे बढ़ना है. दूसरा रेजुलेशन आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया और मोबाइल की लत से दूर करने के लिए जागरूक करना है. भूपेंद्र ने बताया कि वे योग के नेशनल खिलाड़ी हैं और 400 मीटर यूनिवर्सिटी स्तर की प्रतियोगिता भी खेल चुके हैं. 2026 में वे अपने महाविद्यालय और देश का बेहतर प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे.

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