स्मोकिंग से हड्डियों के ठीक होने में लग सकता है समय और फ्रैक्चर का बढ़ सकता है

Health Tips : स्मोकिंग की शुरुआत करीब 5000 ईसा पूर्व अमेरिका में हुई थी, जहां स्थानीय जनजातियां तंबाकू को धार्मिक रीतियों में इस्तेमाल करती थीं, और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फैल गई जब उपनिवेशवाद बढ़ा. पाइप और तंबाकू की पत्तियां व्यापार के जरिए फैलीं. क्रिस्टोफर कोलंबस ने 1492 में तंबाकू से मुलाकात की और 1550 के आसपास इसे यूरोप में लाया, और जीन निकोट ने इसे दवा के रूप में लोकप्रिय किया, जिससे सिगार, पाइप और स्नफ का चलन बढ़ा. धीरे-धीरे, चिकित्सा और विज्ञान ने साथ आकर स्मोकिंग के फेफड़ों पर बुरे असर को अच्छी तरह से साबित किया. लेकिन स्मोकिंग हड्डियों के लिए भी गंभीर खतरा है, जिसे अक्सर कम आंका जाता है और यह फेफड़ों के असर से कहीं ज्यादा है…

वर्ल्ड स्मोकिंग डे पर हमने डॉ. साइमन थॉमस, सीनियर डायरेक्टर, रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट्स और ऑर्थोपेडिक्स, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग से बात की, ताकि समझ सकें कि पारंपरिक तरीके से निकोटीन लेने से आपकी हड्डियों पर लंबे समय में क्या असर पड़ता है. फ्रैक्चर से उबर रहे मरीजों या घुटना और कूल्हा रिप्लेसमेंट जैसी ऑर्थोपेडिक सर्जरी करवा रहे लोगों के लिए स्मोकिंग उनकी रिकवरी में बाधा डाल सकती है.

तंबाकू कैसे है नुकसानदायक
डॉ. साइमन थॉमस के अनुसार, निकोटीन की वजह से रक्त वाहिकाओं का आकार कम हो जाता है, जिससे हड्डियों तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्वों की उपलब्धता कम हो जाती है. इससे हड्डियां सर्जरी के बाद ठीक से जुड़ नहीं पातीं. इसके अलावा, तंबाकू में मौजूद टॉक्सिन्स नई हड्डी बनने की प्रक्रिया को भी रोकते हैं. डॉ. साइमन थॉमस कहते हैं, ‘खास तौर पर तंबाकू ऑस्टियोब्लास्ट्स की फंक्शन में बाधा डालता है, ये वही सेल्स हैं जो नई हड्डी बनाते हैं. ऑस्टियोब्लास्ट्स की खराब फंक्शन से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर, भुरभुरी और मामूली चोट से भी टूटने के कगार पर आ जाती हैं.’ फ्रैक्चर के ठीक होने में बाधा के साथ-साथ स्मोकिंग सर्जरी के बाद संक्रमण और सर्जिकल हार्डवेयर फेल होने जैसी जटिलताओं का खतरा भी बढ़ा सकती है.

अपने शरीर की टिशू रीजनरेट करने की क्षमता वापस पाने का सबसे अच्छा तरीका है स्मोकिंग छोड़ना, और नो स्मोकिंग डे, जिसे वर्ल्ड नो टोबैको डे भी कहते हैं, शुरू करने के लिए एकदम सही दिन है. ऐसा करके आप जीवनभर अपनी हड्डियों को मजबूत और चलने-फिरने की क्षमता बनाए रखने का मौका बढ़ा सकते हैं. स्मोकिंग छोड़कर, कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन बढ़ाकर, आप बेहतर जीवन और स्वस्थ हड्डियां सुनिश्चित कर सकते हैं.

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 Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.

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