Smartphone Sale in India: साल 2026 की शुरुआत भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लिए खास अच्छी नहीं रही. शुरुआती नौ हफ्तों में ही बिक्री में करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतें रहीं जिनका सीधा असर फोन की कीमतों पर पड़ा. इसके साथ ही साल की शुरुआत में आमतौर पर रहने वाली धीमी मांग ने भी बिक्री को और कमजोर कर दिया.
महंगी मेमोरी का सीधा असर कीमतों पर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी की लागत बढ़ने से एंड्रॉयड कंपनियों को अपने मौजूदा स्मार्टफोन्स की कीमत बढ़ानी पड़ी है. इतना ही नहीं, नए लॉन्च होने वाले डिवाइस भी पहले के मुकाबले ज्यादा महंगे दाम पर बाजार में आ रहे हैं.
औसतन एक स्मार्टफोन की कीमत में करीब 1,500 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है और आने वाले समय में इसमें और इजाफा होने की संभावना है. ऐसे हालात में कंपनियों को अपने मुनाफे और सप्लाई स्ट्रैटेजी पर दोबारा विचार करना पड़ रहा है.
कम मांग और घटती खरीदारी
कीमतें लगातार बढ़ने से ग्राहकों की खरीदारी पर असर साफ नजर आ रहा है. सीमित ऑफर्स, कम नए लॉन्च और प्रमोशनल एक्टिविटी की कमी ने भी बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया. रिटेल स्तर पर बिक्री में कमी दिख रही है जो इस बात का संकेत है कि ग्राहक फिलहाल खर्च करने को लेकर सतर्क हैं.
प्रीमियम फोन का बना हुआ है दबदबा
हालांकि कुल बिक्री में गिरावट आई है लेकिन वैल्यू के लिहाज से बाजार स्थिर बना हुआ है. इसकी वजह है प्रीमियम स्मार्टफोन्स की बढ़ती मांग. लोग कम लेकिन महंगे फोन खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं जिससे कंपनियों को कुछ हद तक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है.
इन ब्रांड्स ने दिखाई मजबूती
जहां एक तरफ बाजार दबाव में है वहीं कुछ कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. वीवो ने अपने Y और T सीरीज की मदद से करीब 19% की सालाना बढ़त दर्ज की. वहीं, एप्पल ने भी लगभग 12% की ग्रोथ हासिल की जिसमें बड़े डिस्काउंट ऑफर्स और iPhone 17 सीरीज की जबरदस्त डिमांड का बड़ा योगदान रहा.
इस साल भी घट सकती है बिक्री
आने वाले समय में भी चुनौतियां बनी रह सकती हैं. वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई और जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतें लोगों के खर्च करने के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में उम्मीद है कि 2026 में स्मार्टफोन बाजार में करीब 10% तक गिरावट देखी जा सकती है. कंपनियां अब ज्यादा सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगी और प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस करेंगी जबकि आम ग्राहकों के लिए महंगे फोन और सीमित फाइनेंस विकल्प मांग को प्रभावित करते रहेंगे.
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