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Benefits Of Using Garden Pansy : सर्दियों में खिलने वाला नन्हा गार्डन पैंसी दिखने में भले साधारण लगे, लेकिन आयुर्वेद में इसे मिर्गी सहित कई गंभीर रोगों में बेहद प्रभावी माना गया है। इसके फूलों से बने काढ़े, तेल और अर्क पारंपरिक उपचारों में वर्षों से प्रयोग किए जाते रहे हैं. एक्सपर्ट के अनुसार, यह पौधा तंत्रिका तंत्र को शांत करने, झटकों की आवृत्ति कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
बलिया : अगर गार्डन में पैंसी का पौधा लगा हो, तो घर के साथ चेहरा भी खिला रहता है . इस दुनिया में बहुत से ऐसे फूल हैं जिनका आकर्षण बहुत है, पर उपयोगिता की बात आए तो गार्डन पैंसी सबसे अलग साबित होती है. पहले इसे केवल सजावटी पौधा माना जाता था, लेकिन सर्दियों में हर गली-मोहल्ले में खिलने वाला यह नन्हा, रंग-बिरंगा फूल पारंपरिक चिकित्सा में भी अत्यंत उपयोगी माना गया है. यह न केवल घर को सुंदर बनाता है बल्कि शरीर को राहत भी देता है.
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं कि गार्डन पैंसी के फूल इतने मुलायम और खूबसूरत होते हैं कि मानो मखमल से तराशे गए हों. आयुर्वेद में इसे त्वचा रोगों, मौसमी खांसी-जुकाम और कई अन्य समस्याओं के लिए प्रभावी जड़ी-बूटी माना गया है. यह पौधा मानसिक और शारीरिक तरोताज़गी देने में भी अहम भूमिका निभाता है.
छोटा पैकेट बड़ा धमाल
प्रियंका सिंह ने बताया कि पैंसी के फूलों से तैयार तेल, काढ़ा और फेस मास्क वर्षों से घरेलू उपचारों का हिस्सा रहा है. यह त्वचा की जलन, रूसी, बार-बार होने वाले दाग-धब्बों और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. इसके उपयोग से खून की शुद्धि और मौसम बदलने पर होने वाली कई परेशानियों में भी राहत मिलती है. पैंसी से तेल, काढ़ा, सूप, साबुन और मास्क तक कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं. यह पौधा वास्तव में छोटा पैकेट, बड़ा धमाल कहावत को सिद्ध करता है.
इन रोगों के इलाज में कारगर
गार्डन पैंसी का उपयोग सर्दी-जुकाम, खांसी, मिर्गी, त्वचा रोग, बालों की रूसी, आंतरिक त्वचा विकार, दमा और खून से जुड़े विकारों में लाभकारी बताया जाता है. हालांकि, हर औषधीय पौधे की तरह इसका प्रभाव व्यक्ति की उम्र, शारीरिक स्थिति और रोग के अनुसार बदल सकता है. इसलिए इसका सेवन या उपयोग बिना विशेषज्ञ सलाह के कभी नहीं करना चाहिए. सुरक्षित उपयोग के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें.
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मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें