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Utensil Cleaning Tips: दिवाली का त्योहार घर की रौनक और सफाई का प्रतीक होता है लेकिन बर्तनों की सफाई अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है. जिद्दी तेल और दाग बर्तनों को चिकनाहट पैदा कर देते है. महंगे केमिकल के बजाय बेकिंग सोडा, नींबू और सिरका जैसे घरेलू नुस्खे सस्ते, सुरक्षित और प्रभावी तरीके से बर्तनों को प्राकृतिक चमक लौटाते हैं.
दिवाली की सफाई में घर के हर कोने के साथ-साथ बर्तन भी चमकने चाहिए. लेकिन कई बार उन पर जमा तेल, कालिख और जिद्दी दाग आसानी से नहीं जाते हैं. ऐसे में अब घबराने की आवश्यकता नहीं है. यहां कुछ घरेलू नुस्खे हैं, जिनसे आपके स्टील, पीतल और तांबे के बर्तन एकदम नए जैसे दमक उठेंगे.

दिवाली का त्योहार सिर्फ रोशनी और उल्लास का प्रतीक नहीं है बल्कि ये घर की सफाई और रौनक का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है. इस समय घर के हर कोने की सफाई की जाती है, लेकिन सबसे चुनौतीपूर्ण काम होता है बर्तनों की सफाई. जिद्दी तेल, चाय या मसाले के दाग अक्सर घंटों मेहनत के बाद भी बर्तनों से पूरी तरह नहीं हटते हैं. जिससे बर्तन बेजान और मुरझाए हुए नजर आते हैं. कई लोग इस समस्या के समाधान के लिए महंगे केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये न सिर्फ खर्चीला होता है बल्कि स्वास्थ्य और धातु के लिए भी हानिकारक हो सकता है.

जिद्दी तेल और चाय के दाग के लिए बेकिंग सोडा बेहद असरदार होता है. एक कटोरी में 2–3 चम्मच बेकिंग सोडा और उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाना है. मुलायम स्पंज से दाग पर लगाएं और 10-15 मिनट छोड़ देना है. उसके बाद गर्म पानी से धोने पर दाग हल्के हो जाएंगे और बर्तन में नई चमक लौट आएगी.

सिरका (विनेगर) पत्तल और स्टेनलेस स्टील के बर्तनों के लिए कमाल का नुस्खा है. एक बाल्टी गर्म पानी में आधा कप सिरका मिलाकर बर्तनों को 15-20 मिनट भिगोकर इससे दाग और पानी की जमावट नरम हो जाती है. भिगोने के बाद नरम ब्रश या स्पंज से हल्के हाथ से रगड़कर सामान्य डिश वॉश से धोने से बर्तन एकदम नए जैसे हो जाएंगे.

नींबू का रस तांबे और पीतल के बर्तनों पर असर करता है. आधा नींबू काटकर उस पर थोड़ा नमक छिड़कें और दागी हिस्सों पर रगड़ना है. जिद्दी दागों के लिए नींबू का रस और बेकिंग सोडा मिलाकर पेस्ट बनाकर 10 मिनट बर्तन पर रखना है फिर साफ करना चाहिए. यह तरीका धातु पर प्राकृतिक चमक लौटाने में मदद करता है.

सिरका, नींबू और बेकिंग सोडा से सफाई करने से पैसे की बचत होती है और रसायनों का उपयोग कम होता है. बार-बार प्रयोग करने पर बर्तन लंबे समय तक टिकते हैं, क्योंकि ये कोमल और सुरक्षित होते हैं और धातु को नुकसान नहीं पहुंचाते है. ऐसे में दिवाली पर बर्तन चमकाने का यह तरीका सस्ता, सुरक्षित और असरदार साबित होता है.
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