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Skin Care: त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि छोटे-छोटे दानों को इग्नोर करने पर यह धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है. शुरुआत में यह बहुत छोटे और लाल होते हैं. दानों में खुजली के साथ-साथ उन्हें इग्नोर करना खतरनाक …और पढ़ें
त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि शुरुआत के समय ही इसका उपचार करना जरूरी है. डॉक्टर ने बताया कि यदि समय रहते इसका उपचार नहीं कराया तो यह धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थितियों में यह बड़े भी हो जाते है. चिकित्सक ने बताया कि यह बीमारी मुख्य रूप से फंगल इन्फेक्शन की वजह से होती है.
सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि बारिश के बाद उमस बढ़ जाती है. उमस और बढ़ते तापमान के कारण पसीना अधिक आता है. डॉ. चाहर ने बताया कि पसीने के चिपकने के कारण फंगल इन्फेक्शन हो जाता है. फंगल इन्फेक्शन के कारण ही शरीर पर दाने आना, लाल चकत्ते आना और धधोरे बन जाते है.
शुरुआत में कराएं इलाज
डॉक्टर ने कहा कि शुरुआत में खुजली और छोटे दाने आने पर तत्काल नजदीकी त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी है. शुरुआत में ही चिकित्सक को दिखाने से इसे रोका जा सकता है. बीमारी बढ़ जाने के बाद उपचार करना कठिन हो जाता है और उसे ठीक होने में भी समय लगता है.
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र चाहर बताते हैं कि सबसे ज्यादा फंगल इन्फेक्शन से पीड़ित वे लोग हैं जो गर्म वातावरण में कार्य करते है. उन्होंने कहा कि जो फैक्ट्री में काम करते है, हलवाई का काम करते है या ज्यादा तापमान वाले क्षेत्र में कार्य करते है, उन्हें फंगल अपना शिकार बना लेता है.
फंगल इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षण
डॉ. यतेंद्र चाहर ने कहा कि फंगल के शुरुआती लक्षण बेहद आम है. फंगल होने पर शरीर में खुजली होना, छोटे-छोटे दाने (फुंसियां) उगना आम है. शरीर में लाल-लाल चकत्ते दिखाई देना ये सब फंगल के लक्षण है. डॉक्टर ने कहा कि इन्हें नाखून या किसी पैनी चीज से खुजाना नहीं चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्षण दिखने पर कोई भी क्रीम (ट्यूब) नहीं लगानी चाहिए. डॉक्टर ने कहा कि शुरुआत में ही इसका उपचार चिकित्सक की सलाह के साथ शुरू करें. फंगल को लेकर थोड़ी भी लापरवाही जोखिम में डाल सकती है.
डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि फंगल इन्फेक्शन के कई बचाव है. डॉक्टर ने कहा कि फंगल से बचने के लिए त्वचा को ड्राई रखना जरूरी है. शरीर पर कोई भी लोशन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लगाना चाहिए. फंगल वाली जगह पर एंटी फंगल क्रीम ही लगानी चाहिए. डॉक्टर ने लोगों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बाजार से कोई भी क्रीम खरीदकर लगाने से इन्फेक्शन बढ़ने की उम्मीद बढ़ जाती है, इसलिए बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी क्रीम लगाना शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है.
फंगल इन्फेक्शन के मरीज बढ़ गए
डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि बढ़ते फंगल इन्फेक्शन के कारण इन दिनों डेढ़ गुना ज्यादा OPD बढ़ गई है. डॉक्टर ने कहा कि सामान्य दिनों में 300 से 350 मरीज रोज आते थे. वर्तमान में मरीजों की संख्या बढ़कर 500 तक हो गई है. मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी पूरा कर लिया गया है. फंगल इन्फेक्शन से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें
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