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What is menstrual masking: इस दिनों सोशल मीडिया पर एक स्किन केयर ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि पीरियड्स का ब्लड यदि स्किन पर लगाया जाए तो स्किन हेल्दी रहती है. झुर्रियां दूर होती हैं. क्या वाकई ऐसा है? क्या चेहरे पर पीयड्स का खून लगाना स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है या फिर होंगे नुकसान? जानिए स्किन स्पेशलिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. करुणा मल्होत्रा से…
What is menstrual masking: इन दिनों एक ट्रेंड सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं के चेहरे पर उनके ही पीरियड्स ब्लड को लगाने की बातें कही जा रही हैं. इस ट्रेंड को नाम दिया गया है ‘मेंस्ट्रुअल मास्किंग’. इसके बाद मेडिकल प्रोफेशनल्स और त्वचा की देखभाल करने वाले शौकीनों के बीच एक बहस सी छिड़ गई है. इस ट्रेंड में मासिक धर्म के ब्लड को चेहरे पर लगाने के फायदे बताए जा रहे हैं. ये दावा किया जा रहा कि चेहरे पर मासिक धर्म का खून लगाने से चेहरे की त्वचा हेल्दी रहती, इस पर निखार आता है. बुढ़ापा जल्दी नहीं आता. ये भी दावा किया जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसा करती भी हैं. तो चलिए जानते हैं इस मेंस्ट्रुअल मास्किंग के ट्रेंड के बारे में और एक्सपर्ट से जानेंगे कि क्या पीरियड्स का ब्लड चेहरे के लिए वाकई फायदेमंद होता है.
क्या है मेंस्ट्रुअल मास्किंग ट्रेंड? (menstrual masking)
इस ट्रेंड में मासिक धर्म के खून को चेहरे पर लगाना शामिल है. इसके समर्थक ये दावा कर रहे हैं कि पीरियड्स ब्लड में स्टेम सेल, प्रोटीन और साइटोकाइन्स की उपस्थिति के कारण यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को फ्रेश, हेल्दी और रिजूवनेट करता है. फैशन की दुनिया के कुछ प्रभावशाली लोग इस ट्रेंड को त्वचा की देखभाल के रूप में प्रचारित करते हैं. वहीं, कुछ स्किन एक्सपर्ट इस बात की चेतावनी देते हैं कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि मासिक धर्म का खून त्वचा की सेहत में सुधार करता है. विशेषज्ञ ये भी चेतावनी दे रहे हैं कि पीरियड्स का ब्लड जीवाणुरहित नहीं होता है. इसमें ऐसे बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, स्किन पर जलन, इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं. खासकर जिनकी त्वचा संवेदनशील या क्षतिग्रस्त है.
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