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सर्दियों में गर्म तासीर वाली चीजें खूब खानी चाहिए. कई तरह की चीजें हैं, जो तासीर में गर्म होती हैं, इन्हीं में से एक है मूंगफली. ये ठंड के मौसम में आपको सड़क के किनारे बिकती हुई मिल जाएगी. एक बार मूंगफली खाने बैठो तो ना जाने कितने खाते चले जाते हैं लोग, लेकिन कुछ लोग मूंगफली पर चिपके लाल पतले से छिलके को निकाल देते हैं. क्या ये लाल छिलके सेहत के लिए हानिकारक हैं या फिर पहुंचाते हैं फायदे?
सर्दियों में गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए. इस मौसम में भुने हुए गरमा-गरम मूंगफली खाने का अपना ही मजा है. मूंगफली को लोग गरीबों का बादाम भी कहते हैं. इस मौसम में मिलने वाली ये मूंगफली कीमत में भी सस्ती होती है, इसलिए इसे खरीदकर खाने वाले लोगों की संख्या काफी है.

कई बार मूंगफली खाते समय लोग इसके ऊपर चिपकी पतली सी लाल छिलके को हटाकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मूंगफली के ऊपर के छिलके में भी कई तरह के पोषक तत्व और फायदे मौजूद होते हैं, जिसके बारे में बहुत लोगों को पता नहीं होता.

अक्सर बड़े लोग भी कहते हैं कि मूंगफली के ऊपर की लाल छिलका पेट भारी कर देता है. गैस की समस्या पैदा करता है, इसलिए कई लोग इस छिलके को निकालकर खाना पसंद करते हैं. क्या मूंगफली के बीज का लाल छिलका सच में नुकसानदायक है? इसे लेकर कई लोगों के मन में शक है. इन सारे सवालों का विशेषज्ञों ने साफ जवाब दिया है.
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मूंगफली के अंदर का लाल छिलका पोषक तत्वों का खजाना है. इसमें फाइबर, ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई, विटामिन बी6 और शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स भरपूर होते हैं. आमतौर पर इसे बेकार समझा जाता है, लेकिन ये छिलका असल में शरीर को कई फायदे देने वाले गुणों से भरा होता है.

आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, मूंगफली को उसके लाल छिलके के साथ खाना हमेशा बेहतर होता है. इस लाल छिलके में मौजूद पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. इससे उम्र बढ़ने के असर कम होते हैं और इम्यूनिटी भी बढ़ती है.

इसके अलावा, लाल छिलके में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह कब्ज की समस्या को कम करने में भी फायदेमंद है. लेकिन, आप ज्यादा लाल छिलके वाले मूंगफली खाते हैं तो गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

लाल छिलके वाले मूंगफली खाने से खून में शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता, इसलिए इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित स्नैक माना जाता है. जिन लोगों को मूंगफली के बीज से एलर्जी है या गंभीर पाचन की समस्या है, उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्ची मूंगफली खाने की बजाय भुने हुए या थोड़ा भिगोए हुए चने खाना ज्यादा अच्छा होता है. छिलके वाले भिगोए हुए चने मुलायम हो जाते हैं और पाचन में मदद करते हैं.