Last Updated:
कुछ लोगों को सुबह-सुबह 5-5 मिनट तक दांतों को टूथब्रश से घिसने की आदत होती है. कुछ लोग अक्सर माउथवॉश को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. अब इसे लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. एक मशहूर डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज हो सकते हैं.
ज्यादा माउथवॉश से हो सकती है बीपी की बीमारी.
सुबह उठकर दांतों में ब्रश करना हर किसी की आदत होती है. यह बेसिक हाईजीन है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं कि 10-10 मिनट तक ब्रश को दांतों में घिसते रहते हैं. इतना ही नहीं ब्रश के अलावा वे माउथवॉश से हमेशा मुंह की सफाई करते रहते हैं. आजकल सोशल मीडिया पर अक्सर लोग इस हाईजीन को फॉलो करते हैं कि हमें दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए. लेकिन जरा ठहरिए, अगर आपको भी ये आदत है तो यह आपको हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की सौगात दे सकता है.
डॉक्टरों ने दी चेतावनी
वास्तव में सैन फ्रांसिस्को के डेंटल एक्सपर्ट डॉ. मार्क बुरहेन ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अमेरिका जैसे देशों में आधे से ज्यादा लोग इस बात से अनजान है कि मुंह की ज्यादा सफाई करने से गुड बैक्टीरिया मर जाते हैं. उन्होंने रिसर्च का हवाला देते हुए बताया है कि दरअसल, जब हम बहुत ज्यादा माउथवॉश करते हैं तो हमारे मुंह में कई तरह के हमें फायदा पहुंचाने वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं. इन बैक्टीरिया में वे बैक्टीरिया भी होते हैं जो शरीर में नाइट्रेट को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देते हैं. नाइट्रिक ऑक्साइड ब्लड वैसल्स को रिलेक्स या चौड़ा करने में मदद करता है. इसलिए जो लोग हमेशा माउथवॉश वाली बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा कई गुना ज्यादा है. उन्होंने कहा कि आजकल एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का अंधाधुंध उपयोग मुंह के उन गुड बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है जो नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने में मदद करते हैं. नाइट्रिक ऑक्साइड हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और इंसुलिन की संवेदनशीलता के लिए बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि मुंह को पूरी तरह जीवाणुरहित बनाने के बजाय ब्रशिंग और फ्लॉसिंग पर ध्यान दें और माउथवॉश का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें.
रिसर्च में भी चौंकाने वाली बात
डॉ. मार्क बुरहेन ने बताया है कि 99.9 प्रतिशत साफ मुंह पाने की कोशिश में लोग अनजाने में दिल और मेटाबॉलिक सेहत को बिगाड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह नाइट्रेट को कम करने वाले बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है, जिनका उपयोग शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने के लिए करता है. नाइट्रिक ऑक्साइड हार्ट को सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है. डॉ. बुरहेन ने कई अध्ययनों का हवाला दिया, जिनके अनुसार बार-बार माउथवॉश इस्तेमाल करने और पूरे शरीर के स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंध हो सकता है. उन्होंने कहा कि हार्वर्ड से जुड़े एक अध्ययन में लगभग 1,000 वयस्कों को 3 साल तक फॉलो किया गया. इसमें पाया गया कि जो लोग दिन में दो बार माउथवॉश इस्तेमाल करते थे, उनमें प्रीडायबिटीज या डायबिटीज का खतरा 55 प्रतिशत ज्यादा था. एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि दिन में दो बार उपयोग करने वालों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा दोगुना से भी अधिक था. वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ प्लायमाउथ के एक अध्ययन में पाया गया कि माउथवॉश ने व्यायाम से मिलने वाले ब्लड प्रेशर के 60 प्रतिशत से अधिक लाभ को खत्म कर दिया और 2 घंटे के भीतर उसका असर लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया.
सफाई जरूरी लेकिन हिसाब से
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में क्राउन हब डेंटल की प्रोस्थोडॉन्टिस्ट की डॉ. नियति अरोड़ा ने बताया कि जैसे हमारी आंत में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया होते हैं, वैसे ही मुंह में भी दोनों तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. कुछ शोध बताते हैं कि बहुत ज्यादा ताकतवर माउथवॉश के इस्तेमाल से वे अच्छे बैक्टीरिया कम हो सकते हैं, जो भोजन से मिले नाइट्रेट को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलते हैं. नाइट्रिक ऑक्साइड ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, लंबे समय में इसका क्लीनिकल असर क्या होगा, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक इस दावे को साबित करने के लिए बड़े स्तर पर जनसंख्या आधारित अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं.
इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह और सही मार्गदर्शन के लंबे समय तक तेज माउथवॉश का अधिक उपयोग करना उचित नहीं है. डॉ. अरोड़ा कहती हैं कि इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि माउथवॉश का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो माउथवॉश मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में मदद करता है. बस इसके उपयोग की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. डॉ. नियति अरोड़ा ने कहा कि क्लोरहेक्सिडीन वाले माउथवॉश का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए. यह किसी खास दांत संबंधी समस्या के लिए और सीमित समय तक ही करना चाहिए. रोज़मर्रा की सफाई के लिए सामान्य फ्लोराइड माउथवॉश या बीटाडीन माउथवॉश मेडिकली सुरक्षित माने जाते हैं और अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान नहीं पहुंचाते. इसका जरूरत के अनुसार दिन में एक या दो बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं. लेकिन नियमित ब्रशिंग और फ्लॉसिंग ही मुंह की सफाई की सबसे महत्वपूर्ण आदत होनी चाहिए.
About the Author
18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें
.