शिप्रा का जलस्तर बढ़ने से मंदिर के अंदर पानी घुस गया।
उज्जैन, इंदौर और आसपास के इलाकों में बुधवार को हुई लगातार तेज बारिश के कारण मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। गुरुवार सुबह से रामघाट क्षेत्र में स्थित छोटे-छोटे मंदिरों तक नदी का पानी पहुंच गया। घाट पर स्थित कई मंदिरों में बाढ़ का पान
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बुधवार को उज्जैन और इंदौर के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे बुधवार रात से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। उज्जैन में सुबह से ही रामघाट के कई मंदिर डूबे नजर आए, यहां तक कि बड़नगर की ओर जाने वाली छोटी रपट भी पानी में डूब गई।
10 दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी
वेधशाला के अनुसार, मंगलवार रात का तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस और दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार शाम तक कुल 565.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अनुमान है कि गणेश स्थापना के दौरान बारिश का असर बना रहेगा और अगले 10 दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
प्रशासन की अपील घाटों से दूर रहे
नगर निगम और जिला प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। घाट क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के किनारों और घाटों पर न जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, उज्जैन-इंदौर संभाग में अगले 24 घंटों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में शिप्रा नदी के जलस्तर में और बढ़ सकता है।
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