रायसेन शहर में नालियों से गुजरी पानी की पाइपलाइनों को हटाने और उपभोक्ताओं के कनेक्शनों को ऊपर शिफ्ट करने का काम गुरुवार से शुरू हो गया है। पहले दिन वार्ड 3 में दो लाइनों को शिफ्ट किया गया। यह कदम दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए उठाय
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पाइपलाइन शिफ्टिंग के दौरान गंदे पानी में लीकेज को भी ठीक किया गया। नगर पालिका सीएमओ सुरेखा जाटव ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जल प्रभारी परमानंद विश्वकर्मा को शहर के सभी 18 वार्डों में नालियों या गंदे पानी से होकर गुजरी लाइनों को जल्द से जल्द शिफ्ट करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों की घटनाओं के बाद की जा रही है।
कलेक्टर ने तत्काल शिफ्टिंग के निर्देश दिए थे कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले भर के सभी नगरीय निकायों और अधिकारियों को नालियों या गंदे पानी से होकर गुजरी पाइपलाइनों को तत्काल शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।
लगभग चार दिन पहले, तहसीलदार भरत मंड्रे के साथ नगर पालिका सीएमओ सुरेखा जाटव ने वार्डों का दौरा कर नालियों से गुजरी पाइपलाइनों का निरीक्षण किया था। इसके बाद सीएमओ ने जल प्रभारी परमानंद विश्वकर्मा को इन लाइनों को जल्द से जल्द शिफ्ट करने के लिए कड़े निर्देश दिए थे।
50 कनेक्शन नालियों से होकर गुजरते हैं सीएमओ जाटव ने बताया कि जो लाइनें सड़क के अंदर हैं, उन्हें निकालने में कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जल प्रभारी परमानंद विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि शहर के वार्डों में नाली के अंदर से गुजरी सभी लाइनों को दो से तीन दिनों के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
शहर में कुल 8000 नल कनेक्शन हैं। इनमें से प्रत्येक वार्ड में लगभग 50 उपभोक्ताओं के कनेक्शन नालियों से होकर गुजरते हैं। इन सभी कनेक्शनों को भी नाली से ऊपर किया जा रहा है, ताकि लोगों के घरों तक शुद्ध और स्वच्छ पानी पहुंच सके।
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