मैहर की मां शारदा मंदिर में शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो गया है। 10 दिन तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु आएंगे। मैहर में इस बार 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे मंदिर मार्ग, गर्भगृह, पार्किंग, पुलिस चौकी, रोपवे परिसर और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। मेले के दौरान यहां अन्नकूट महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है।
Publish Date: Mon, 22 Sep 2025 09:52:55 AM (IST)
Updated Date: Mon, 22 Sep 2025 10:00:06 AM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। मां शारदा का धाम मैहर न केवल बुंदेलखंड बल्कि पूरे भारत की आस्था का प्रमुख केंद्र है। त्रिकूट पर्वत पर विराजीं मां शारदा के धाम में शारदेय नवरात्र मेला आज से शुरू हो गया है। 10 दिन तक चलने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचेंगे। नवरात्र के पहले दिन सुबह 9 बजे तक दर्शनार्थियों की संख्या 58 हजार के ऊपर पहुंच गई है।
ड्रोन से भी रखी जाएगी निगरानी
मैहर में इस बार 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे मंदिर मार्ग, गर्भगृह, पार्किंग, पुलिस चौकी, रोपवे परिसर और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। मां शारदा प्रबंध समिति ने मंदिर प्रांगण, पुलिस चौकी और रोपवे परिसर में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।

पहाड़ी पर विशेष इंतजाम
मां शारदा के मंदिर में लाखों श्रद्धालु पैदल, सीढ़ियों और रोपवे के जरिए यहां पहुंचते हैं। पूरे मंदिर परिसर और मार्ग को हाई मास्ट सोलर लाइट से रोशन किया गया है। परिसर को आकर्षक बनाने के लिए झालर लाइटिंग से सजावट की गई है। सात एंबुलेंस और तीन अतिरिक्त वाहन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैनात किया गया है। मेले के दौरान अन्नकूट महोत्सव भी हो रहा है।

पुलिस ने त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया
पूरे मेले में 800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 200 पुलिसकर्मी रिजर्व किए गए हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर मंदिर की पहाड़ी और गर्भगृह तक हर स्थान पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस बार पुलिस ने त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
मेले में दो एएसपी, 10 डीएसपी और 20 से ज्यादा निरीक्षक स्तर के अधिकारी मोर्चा संभाले हुए हैं। बाहर से एसएएफ कंपनियां भी बुलवाई गई हैं। आरपीएफ व जीआरपी के जवान स्टेशन पर चौकसी कर रहे हैं। पीटीएस रीवा, सतना, सीधी और होमगार्ड के जवानों की भी तैनाती की गई है।

मां शारदा मंदिर की महिमा
मान्यता है कि त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस मंदिर में मां शारदा स्वयं प्रकट हुई थीं। यहां स्थापित विग्रह को जगतजननी के साक्षात रूप के तौर पर पूजा जाता है। किंवदंती है कि आल्हा-ऊदल भी मां शारदा के परम भक्त थे। युद्ध पर जाने से पहले वे मां के दर्शन कर आशीर्वाद लेते थे। आज भी मंदिर प्रांगण में स्थित आल्हा अखाड़ा इसका प्रमाण है। मान्यता है कि मां के दरबार में हाजिरी लगाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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