सेंसेक्स 322 अंक गिरकर हुआ बंद, निफ्टी भी 23600 के नीचे, 6 जनवरी को कैसी रहेगी मार्केट की चाल

Stock Market News: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और वहां के राष्ट्रपति को अपने नियंत्रण में लेने की खबर का सीधा असर भारतीय घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ दरें और बढ़ाने की धमकी के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 5 जनवरी 2026 को बाजार में दबाव रहा. एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 322.39 अंक की गिरावट के साथ 85,439.62 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 78.25 अंक फिसलकर 26,250.30 पर आ गया. वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और व्यापार को लेकर चिंता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया.

इन शेयरों में तेजी

हालांकि गिरावट भरे बाजार में भी कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे बड़ा गेनर रहा, जिसके शेयरों में 2.65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.62 प्रतिशत चढ़ा, टाटा स्टील में 1.56 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.53 प्रतिशत और एक्सिस बैंक के शेयरों में 1.46 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली.

दूसरी ओर, कई दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. एचडीएफसी बैंक के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे और 2.35 प्रतिशत टूट गए. इसके बाद इन्फोसिस में 2.09 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजी में 2.08 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 1.21 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की चाल को प्रभावित किया.

 क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई, जिसके चलते सूचकांक फिसलकर 26,200 के अहम समर्थन स्तर के आसपास आ गया. आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर सीमा-शुल्क बढ़ाने संबंधी टिप्पणियों ने निवेशकों की धारणा को सतर्क बनाए रखा.

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी प्रशासन ने पिछले साल अगस्त में भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था, जिसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल आयात जारी रखने को लेकर लगाए गए दंड के रूप में था.

शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 289.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 677.38 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट मजबूती के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा.

यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान तेजी का रुख देखने को मिला. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को अधिकांशतः सकारात्मक बंद हुए थे. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.13 प्रतिशत गिरकर 60.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 573.41 अंक की मजबूती के साथ 85,762.01 अंक और निफ्टी 182 अंक चढ़कर 26,328.55 के स्तर पर बंद हुआ था.

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