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Khargone News: बीज की मात्रा को लेकर भी किसान भाइयों को सही जानकारी होना जरूरी है. अगर वे एक आंख वाला बीज लेते हैं, तो करीब 10 क्विंटल प्रति एकड़ बीज की जरूरत पड़ती है. वहीं अगर दो आंख वाला गन्ना बोया जाता है, तो करीब 20 क्विंटल प्रति एकड़ बीज लग जाता है.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में गन्ना धीरे-धीरे किसानों की पसंदीदा नकदी फसल बनता जा रहा है. जिले के नर्मदा पट्टी क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान गन्ना की खेती कर रहे हैं और अन्य फसलों की तुलना में बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं. मौजूदा समय में कई किसान गन्ना बोवनी के लिए खेतों की तैयारी में जुटे हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ना की खेती में सफलता का सबसे बड़ा आधार सही बीज का चयन है. यदि बीज चयन में गलती हो जाए, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिकांश किसान गन्ना बोते समय बीज चयन को हल्के में ले लेते हैं जबकि यही चरण पूरी फसल की दिशा तय करता है. गलत या रोगग्रस्त बीज की बुआई से अंकुरण कमजोर होता है, पौधों की संख्या घटती है और अंत में उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गन्ने का कौन सा भाग बीज के लिए सबसे उपयुक्त रहता है.
बीज के लिए कितना पुराना गन्ना लें?
डॉ सिंह के अनुसार, गन्ना बीज का चयन करते समय सबसे पहले उसकी सेहत पर ध्यान देना चाहिए. जिस गन्ने पर लाल निशान, सड़न या किसी भी तरह के रोग के लक्षण दिखाई दें, उसे बीज के रूप में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए. बीज के लिए 9 से 10 महीने पुराना स्वस्थ गन्ना सबसे अच्छा माना जाता है. इस उम्र के गन्ने में अंकुरण क्षमता बेहतर होती है, जिससे पौधों की संख्या अच्छी मिलती है और पैदावार भी बढ़ती है. वहीं 11 से 12 महीने पुराना गन्ना लेने पर अंकुरण की संभावना काफी कम हो जाती है.
बुआई के लिए गन्ने का कौन सा भाग सही?
उन्होंने आगे बताया कि गन्ने के अलग-अलग हिस्सों में अंकुरण क्षमता अलग-अलग होती है. गन्ने का ऊपरी भाग सबसे ज्यादा अंकुरण क्षमता रखता है, जबकि नीचे के भाग में यह क्षमता कम पाई जाती है. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे गन्ने के ऊपर के लगभग दो-तिहाई हिस्से को ही बीज के रूप में इस्तेमाल करें.
प्रति एकड़ कितना बीच लगेगा?
बीज की मात्रा को लेकर भी किसानों को सही जानकारी होना जरूरी है. यदि किसान एक आंख वाला बीज लेते हैं, तो करीब 10 क्विंटल प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है. वहीं यदि दो आंख वाला गन्ना बोया जाता है, तो लगभग 20 क्विंटल प्रति एकड़ बीज लग जाता है. आंखों की संख्या के अनुसार बीज दर बदलने से लागत और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.
नर्सरी में तैयार पौधे क्यों ज्यादा फायदेमंद?
डॉ राजीव सिंह बताते हैं कि आधुनिक तकनीक के रूप में अब चिप आधारित गन्ना बीज भी उपलब्ध है. इसमें गन्ने की आंख को अलग करके नर्सरी में पौधे की तरह तैयार किया जाता है और बाद में उसे खेत में रोपाई के रूप में लगाया जाता है. यह तरीका बेहतर अंकुरण के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. चिप बीज से तैयार पौधे ज्यादा स्वस्थ होते हैं और खेत में पौधों के मरने की संभावना भी कम हो जाती है. सही बीज चयन और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान गन्ना की खेती से बंपर उत्पादन और बेहतर मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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