भोपाल में 26 टन मांस की ज़ब्ती, फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप, बूचड़खाना सील; हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

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Bhopal News: फॉरेंसिक जांच में प्रतिबंधित मांस की पुष्टि होने के बाद भोपाल नगर निगम ने जहांगीराबाद इलाके के एक बूचड़खाने को सील कर दिया है. वहीं, पुलिस ने इस मांस की खेप के परिवहन और संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

भोपाल में हाल ही में सामने आए करीब 26 टन गोवंशीय मांस की ज़ब्ती के मामले ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है. फॉरेंसिक जांच में प्रतिबंधित गाय के मांस की पुष्टि होने के बाद भोपाल नगर निगम ने जहांगीराबाद क्षेत्र के एक बूचड़खाने को सील कर दिया, जबकि पुलिस ने इस खेप के परिवहन और संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 17 दिसंबर की बताई जा रही इस घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी सख़्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया.

मामले में तब नया मोड़ आया जब ज़ब्त की गई खेप से जुड़ी कुछ तस्वीरें सामने आईं. इन तस्वीरों में पैक किए गए मांस पर ‘ब्लैक गोल्ड’ नाम की ब्रांडिंग दिखाई दे रही है, जिसे बाज़ार में HMA Group India के उत्पाद के रूप में जाना जाता है. व्यवस्थित पैकेजिंग और ब्रांडिंग ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यह खेप किस स्रोत से आई और इसके पीछे सप्लाई चेन किस स्तर तक फैली हुई हो सकती है.

हालांकि, अब तक की जांच में किसी भी कंपनी या कॉरपोरेट इकाई की आधिकारिक भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस या जांच एजेंसियों ने न तो किसी कंपनी का नाम लिया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि ज़ब्त खेप पर दिख रही ब्रांडिंग वास्तविक है या उसका दुरुपयोग किया गया है. उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि अवैध मांस व्यापार में पहले भी नामी निर्यात ब्रांडों की पैकेजिंग या लेबलिंग के दुरुपयोग के मामले सामने आते रहे हैं, ताकि गैरकानूनी खेप को वैध रूप दिया जा सके.

फिलहाल जांच एजेंसियां पैकेजिंग की प्रामाणिकता, बैच और ट्रेसबिलिटी विवरण, परिवहन दस्तावेज़ों और संबंधित बूचड़खाने के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही हैं. ब्रांडिंग के इस्तेमाल या दुरुपयोग को लेकर किसी भी तरह का निष्कर्ष फॉरेंसिक और दस्तावेज़ी जांच के आधार पर ही निकलेगा. जब तक आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक यह मामला जांच के दायरे में है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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