सतना जिले के कोठी कस्बे में मंगलवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और उपभोक्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। इस विवाद के बाद विभाग को जब्त किए गए तीन घरेलू गैस सिलेंडर वापस लौटाने पड़े। जानकारी के अनुसार, जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन, सहायक आपूर्ति अधिकारी भागवत प्रसाद द्विवेदी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बृजेश पाण्डेय अपनी टीम के साथ कोठी पहुंचे थे। उनका उद्देश्य घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करना था। निजी सिलेंडर को लेकर हुई बहस
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों से कुल सात घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। हालांकि, तीन सिलेंडरों की जब्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने दावा किया कि ये सिलेंडर उनके निजी घरेलू उपयोग के लिए थे, न कि व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए। विवाद बढ़ने पर विभाग को तीन सिलेंडर वापस करने पड़े। इनमें से एक सिलेंडर के संबंध में उपभोक्ता मुकेश तिवारी ने बताया कि वह इसे एजेंसी से भरकर लाया था और कुछ समय के लिए अपनी जनरल स्टोर की दुकान में रखकर अन्य काम से चला गया था। विभागीय अधिकारियों का तर्क था कि सिलेंडर दुकान से जब्त किया गया था और वहां उसके व्यावसायिक उपयोग की आशंका थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। बहस के दौरान उपभोक्ता पर अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप है। विभाग ने सिलेंडर वापस किए
स्थिति को शांत करने के लिए विभाग ने अंततः उपभोक्ता का सिलेंडर लौटा दिया। इसके बाद, विभागीय टीम ने कोठी बस स्टैंड से दो और सोनौर मोड़ के पास संचालित श्रष्टि स्वीट मार्ट तथा प्रिंस स्वीट्स से दो अन्य सिलेंडर जब्त किए। इस प्रकार कुल चार सिलेंडरों पर कार्रवाई की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो में हुई बहसबाजी के अंश:…
दुकानदार- मै भाई को छोड़ने घर गया तो आपने सिलेंडर जब्त कर लिया। आपकी हिम्मत कैसे हो गई मेरी दुकान में घुसने की।
अधिकारी- तो आपने सिलेंडर दुकान में क्यों रखा था?
दुकानदार- सर, मै अभी सतना से लौटा हूं, रिफिलिंग के लिए दुकान में रखा था।
अधिकारी- एक लड़का बैठा था दुकान में
दुकानदार- कौन सा लड़का? मेरे यहां कोई लड़का काम नहीं करता। 500 पब्लिक बुलाइए कोई कह दे मै यहां पर रेस्टोरेंट चलाता हूं। मुझे मेरा सिलेंडर वही पर वापस चाहिए, इतना ध्यान रखिए सर।
अधिकारी- समझाते हुए, रुक जाइए।
दुकानदार- मर्यादाओं का उल्लंघन मत करिए। कोई पंचनामा नहीं कोई पंचायत नहीं।
अधिकारी- यहां हम आपका पंचनामा नहीं लिख रहे भैया।
दुकानदार- सर, आपको कार्यवाही करनी है, तो बनाइए पंचनामा और सिद्ध करिए कि मैं रेस्टोरेंट चलाता हूं। जितना जुर्माना बनेगा मैं भरूंगा। (छाती ठोकते हुए)
अधिकारी- क्या आप कनेक्शनधारी है?
दुकानदार- मेरे पिता और भाई के नाम कनेक्शन है।
अधिकारी- आपके नाम से तो नहीं है न
दुकानदार- झल्लाते हुए, हे प्रभु, मेरे बाप के नाम से मेरे भाई के नाम से कनेक्शन है तो क्या जन बच्चे के नाम से कनेक्शन लेना पड़ेगा। (जमकर बहसबाजी)
इसी बीच दुकानदार द्वारा अधिकारी को एफआईआर की धमकी दी जाती है।
अधिकारी- बगल के रेस्टोरेंट की तरफ इशारा करते हुए बताया कि यहां पर एक सिलेंडर लगा था। कार्यवाही के दौरान गायब हो गया तो हमलोग इस संदेह पर आपकी दुकान गए कि वहां पर रख दिया होगा। वहां गए तो सिलेंडर मिला। अब आप यह बताइए कि आपका सिलेंडर है तो पेपर हमको दिखाइए।
इसके बाद दुकानदार ने झल्लाकर एजेंसी वाले को गाली देते हुए ड्राइवर को भी अभद्र भाषा में गाड़ी खड़ी करा लेने की धमकी दी। .