Success story : बस्तर के किसान रामनाथ कश्यप पारंपरिक सब्जी उत्पादन से हटकर लौकी और करेला के बीज की खेती कर रहे हैं. ढाई एकड़ में तैयार की गई इस फसल में पौधों की दूरी दो फीट और कतारों की दूरी आठ फीट रखी गई है. गोबर खाद के साथ डीएपी, पोटाश और बाद में यूरिया का उपयोग किया जाता है. फसल करीब तीन–चार महीने में तैयार होती है और एक एकड़ से तीन–चार क्विंटल बीज मिल सकता है. एक क्विंटल बीज की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये है. खर्च निकालकर उन्हें करीब साढ़े तीन लाख रुपये तक का मुनाफा होने की उम्मीद है.
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