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कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई थी, जब हेलीपैड की बाउंड्री से लगी दीवार के पास अज्ञात व्यक्ति ने पटाखों की लड़ी जलाते हुए आतिशबाजी शुरू कर दी थी. इससे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सुरक्षा में हुई चूक
CM Mohan Yadav: मुख्यमंत्री मोहन यादव के बरही दौरे में हुई सुरक्षा चूक समाने आने के बाद अब प्रशासन सख्त हो चुका है. प्रोटोकॉल का उल्लंघन मानते हुए जिला प्रशासन ने माना की हेलीपैड के समीप प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखे फोड़ने की घटना हुई थी, जिसे गंभीर मानते हुए बरही थाने पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी गई है.
हेलीपैड की बाउंड्री से लगी दीवार पर हुई आतिशाबाजी
जानकारी के मुताबिक 14 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव किसान महोत्सव में शामिल होने कटनी पहुंचे थे. इसी दौरान हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से ठीक पहले हाई स्कूल बरही मैदान स्थित हेलीपैड की बाउंड्री से लगी दीवार के पास अज्ञात व्यक्ति ने पटाखों की लड़ी जलाते हुए आतिशबाजी शुरू कर दी थी.
टाउन इंस्पेक्टर ने रोकी आतिशबाजी
गनीमत यह रही कि तत्काल मौके पर मौजूद एक टीआई ने आतिशबाजी रोकते हुए सभी लोगों को भीड़ समेत हेलीपेड से दूर किया था. चूंकि हेलीपैड का पूरा क्षेत्र प्रतिबंधित माना जाता है. ऐसे में बम पटाखों का प्रतिबंधित स्थान पर पहुंच जाना ही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
सुरक्षा एजेंसियों पर उठे सवाल
सुरक्षा में दो जिलों का पुलिस बल, स्पेशल फोर्स (एसएफ) बटालियन और स्थानीय प्रशासन मुस्तैद था. वही पुलिस ने खुद माना है कि यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी, क्योंकि हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की अप्रत्याशित गतिविधि बड़ा खतरा पैदा कर सकती है. हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. यह केवल चूक नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही मानी जा रही है.
कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि सीएम आगमन दौरान ही आतिशबाजी पर टीआई अरविंद चौबे की शिकायत पर बरही थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 125 और 287 के तहत FIR दर्ज कर लिया गया है.
जांच करके एसपी को सौंपनी होगी रिपोर्ट
पूरे मामले की जांच विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धुर्वे को सौंपी गई है, जिन्हें 7 दिवस के भीतर रिपोर्ट एसपी के समक्ष प्रस्तुत करनी है. पुलिस की मानें तो हेलीपैड ड्यूटी में तैनात अधिकारियों पर कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखे कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं.
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