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मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस की तीन नेताओं ने चिंता बढ़ा दी हैं. इनमें मुकेश मल्होत्रा, राजेंद्र भारती और निर्मला सप्रे के नाम शामिल हैं. यह तीनों किसी ना किसी केस में अभी कोर्ट में उलझे हुए हैं. मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से राज्यसभा चुनाव में वोट ना डालने की बात कही है. दूसरी तरफ हेराफेरी के मामले में राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा हुई है.
राज्यसभा चुनाव के लिए कैसे भंवर में फंसी कांग्रेस
मध्य प्रदेश में जून में तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें से दो सीटें आराम से भारतीय जनता पार्टी जीत सकती है, क्योंकि उसके पर्याप्त विधायक मौजूद हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस के विधायक अगर उसका साथ दें, तो वह भी एक सीट अपने नाम कर सकती है, लेकिन उसके लिए अभी से ही पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है. क्योंकि विधायक मुकेश मल्होत्रा, निर्मला सप्रे और राजेंद्र भारती ने उनकी चिंता बढ़ा दी है.
मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में नहीं डाल पाएंगे वोट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने क्रिमिनल केस छिपाने के चलते विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था. इसके बाद भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजेता माना था. फिर मुकेश ने तुरंत ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जहां फैसला उनके पक्ष में तो आया और उनकी विधायकी भी बच गई. लेकिन कोर्ट ने इसके लिए कई शर्तें भी रख दीं, जो कांग्रेस की चिंता बढ़ाने वाली रहीं.
कोर्ट की तरफ से बताया गया है कि मुकेश मल्होत्रा जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. वहीं जब कोर्ट इस मामले में जब तक अपना आखिरी फैसला नहीं देता है, तब तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन नहीं मिलेगा. वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी.
निर्मला सप्रे को लेकर भी फंसा पेंच
बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे का मामला भी मध्य प्रदेश में लगातार सुर्खियां बटोर रहा है. क्योंकि निर्मला के खिलाफ मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ही उनके खिलाफ कोर्ट चले गए और विधायकी शून्य करने की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि वह लोकसभा चुनाव में ही बीजेपी में शामिल हो गई थीं. जो दलबदल कानून के तहत नियमों का उल्लंघन है. निर्मला ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. कई बार निर्मला के बीजेपी के मंच पर नजर आने की खबरें भी आती रही हैं.
हेराफेरी के मामले में राजेंद्र भारती को सुनाई 3 साल की सजा
दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने हेराफेरी मामले को लेकर दोषी करार देते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई, लेकिन इसके बाद उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई. अब इससे उनकी विधायकी पर भी संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. नियम के अनुसार दो साल या उससे अधिक सजा होने पर विधानसभा सदस्यता चली जाती है. अब अगर भारती 60 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में अपील सजा पर स्थगन पा लेते हैं, तो उनकी विधायकी बच सकती है, वरना उनके पास कोई चारा नहीं है.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास अभी 65 विधायक हैं और मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कुल 58 विधायकों की आवश्यता है. जबकि कांग्रेस के तीन विधायकों को लेकर पेंच फंसा हुआ है. ऐसे में अगर कांग्रेस के पांच और विधायकों ने क्रास वोटिंग की, तो उसका राज्यसभा चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा.
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