Sagar News: सागर के मकरोनिया को अब नए सागर के रूप में भी जाना जाता है. क्योंकि, यह क्षेत्र जितनी तेजी से डेवलपमेंट में आगे बढ़ा है, उससे कहीं ज्यादा इस क्षेत्र ने व्यापारिक दृष्टिकोण से उन्नति की है. बेहतरीन कनेक्टिविटी होने की वजह से यहां पर बड़े-बड़े मॉल से लेकर ज्वेलरी शोरूम, मोबाइल शोरूम, ऑटोमोबाइल्स शोरूम, होटल, स्कूल, कॉलेज आईटी जैसे बड़े-बड़े संस्थान से लेकर छोटे-छोटे कई मार्केट हैं, जिनकी वजह से आसपास के 100 गांव से अधिक के लोग यहां खरीदी करने के लिए पहुंचते हैं.
हालांकि, यहां से गुजरना लोगों के लिए बड़ी चुनौती है. यहां पर ट्रैफिक जाम की समस्या लगभग हर समय बनी रहती है. इस समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर पालिका द्वारा मिलकर कई प्रयास किए गए, लेकिन सभी प्रयोग असफल रहे. खासकर पीक ऑवर्स में यहां से निकलने में परेशानी होती है. ऐसे में अब यहां पर 155 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर बनाए जाने की तैयारी है, जिससे ट्रैफिक की समस्या से राहत मिल सकती है. सागर शहर को जोड़ने वाला यह वह व्यस्ततम चौराहा, जहां से रोजाना लगभग 70000 से 100000 तक वाहन निकलते हैं.
दूसरी बार बना प्रस्ताव, अब 2400 मीटर लंबाई
ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए बीते 8-10 साल से यहां पर परमानेंट उपाय किए जाने की मांग की जा रही थी. इसी को देखते हुए साल 2023 में यहां पर चतुर्भुज फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव आया था. डीपीआर भी तैयार हो गई थी. सर्वे भी हो गया था, लेकिन उस समय कुछ खामियां बताते हुए व्यापारियों के द्वारा विरोध किया जा रहा था. अब नए प्रस्ताव के तहत 900 मीटर लंबाई वाले फ्लाईओवर में संशोधन करते हुए 2400 मीटर लंबाई वाले फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना है.
नितिन गडकरी ने दी सहमति
लेकिन, एक बार फिर व्यापारियों द्वारा आए सुझावों को देखते हुए नगर पालिका और क्षेत्रीय विधायक के समन्वय से इसमें प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा गया था, जिसकी उन्होंने सैद्धांतिक सहमति दे दी. वन टाइम इंप्रूवमेंट योजना के तहत 155 करोड़ की लागत से मकरोनिया चौराहा तक फ्लाईओवर बनाए जाने की उम्मीद जागी है. जल्द ही इसका काम शुरू हो सकता है. इसकी वजह से लाखों लोगों का ईंधन, ट्रैफिक में लगने वाले समय की बचत के साथ आवागमन भी सुविधाजनक होगा.
इसलिए ये फ्लाईओवर जरूरी
इस चौराहे से सागर-छतरपुर मार्ग, सागर-झांसी मार्ग, सागर-नरसिंहपुर मार्ग, सागर-जबलपुर मार्ग के वाहनों का आगमन होता है. फ्लाईओवर बनाने के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा SOP भी जारी कर इसका प्रस्ताव तैयार करवाया गया था. अब नए तरीके की डीपीआर बनने के बाद इसको फाइनलाइज किया जा सकता है. राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता आनंद राणे ने भी इसकी डीपीआर निविदा को जल्द आमंत्रित करने का आश्वासन क्षेत्रीय विधायक को दिया है.
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