नौकरी के पीछे नहीं भागा, अपना बिजनेस बनाया, अब सालाना 3 करोड़ टर्नओवर

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Success Story : अक्षय कुमार जेवलिया ने गणित विषय से एमएससी करने के बाद साल 2017 में नौकरी की बजाय पशुपालन में अपना करियर बनाने की ठानी. 8 पशुओं से शुरू हुई उनकी डेयरी में अब 370 पशु हैं. वे सालाना करीब 3 करोड़ र…और पढ़ें

नौकरी के पीछे नहीं भागा, अपना बिजनेस बनाया, अब सालाना 3 करोड़ टर्नओवरदूध के अलावा अक्षय घी और गोबर खाद से भी कमाई करते हैं.
नई दिल्‍ली. उत्‍तर भारत में एक कहावत है, ‘चल पड़े दुकानदारी तो क्‍या करे तहसीलदारी.’ इसका अर्थ है कि अगर बिजनेस सही से चल पड़े तो बड़ी से बड़ी नौकरी भी कमाई में उसके आगे फेल है. इसका उदाहरण है हरियाणा के सिरसा जिले के गांव रूपावास के अक्षय कुमार जेवलिया का डेयरी फार्म. एमएससी (गणित) की डिग्री लेने के बाद अक्षय नौकरी के पीछे नहीं भागे, बल्कि उन्‍होंने अपने गाँव में ही बिजनेस करने की ठानी. परिवार हमेशा से ही भैंस पालता था. सो, अजय ने इस पारंपरिक काम में ही अपना करियर बनाने की राह चुनी. आठ भैंसों से शुरू हुए उनके डेयरी फार्म में आज 370 भैंसे हैं. वे हर महीने 25 लाख रुपये का दूध बेचते हैं. घी और गोबर की खाद अलग. अजय 14 लोगों को स्‍थाई रोजगार भी देते हैं.

अक्षय की इस सफलता की गूंज न केवल उनके रूपावास गावं बल्कि पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है. दृढ़ संकल्प, नवाचार और मेहनत की मिसाल बने अक्षय ने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को आधुनिक तकनीकों के सहारे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा साबित किया है कि उच्‍च शिक्षा लेकर सिर्फ ‘नौकरी’ ही हासिल नहीं की जा सकती नहीं, बल्कि ज्ञान और साहस से पारंपरिक पेशों को भी सोने की खान बनाया जा सकता है.

एक साल बाद ही उन्‍होंने अपनी डेयरी में 40 भैंसे कर ली. उनका काम चल निकला. अपने खेत में उन्‍होंने पशुओं के लिए शैड और अन्‍य सुविधाएं बनाई. अक्षय को बचपन से ही पशुपालन का शौक था. घर में भैंस होने के कारण उन्‍हें भैंसों के रखरखाव और अच्‍छी नस्‍ल की भी जानकारी थी. लिहाजा, उनकी डेयरी दिनोंदिन तरक्‍की करती गई.

खुद बेचना शुरू किया दूध

अक्षय शुरू में अपने फार्म पर ही दूध व्‍यापारियों को दूध बेचते थे. कुछ समय बाद ही उन्‍होंने महसूस किया कि दूधिए उनसे दूध सस्‍ता लेते हैं और आगे महंगा बेचते हैं. उन्‍होंने खुद ही शहर जाकर दूध बेचने का फैसला किया. एक गाड़ी ली और सिरसा शहर में दूध बेचने वालों से संपर्क किया. उनका दूध बढिया था, लिहाजा उनके ग्राहक झटपट ही बंध गए और उनको अपने उत्‍पाद का अच्‍छा रेट मिलना शुरू हो गया.

रोजाना बेचते हैं 1300 लीटर दूध

साल 2017 में सिर्फ 8 पशुओं के साथ दूध व्यवसाय शुरू करने वाले अक्षय आज 370 पशु हैं. इनमें से 180 भैंसें नियमित रूप से दूध देती हैं. सर्दियों में दूध ज्‍यादा होता है, जबकि गर्मियों में कम. वे रोजाना 1300 लीटर दूध बेचते हैं. सिरसा शहर में दो-तीन बड़े दूध सप्‍लायर्स उनके ग्राहक हैं, वहीं सिटी में ही एक जगह वे खुद रिटेल में भी दूध की बिक्री सुबह-शाम करते हैं. उनका दूध 65-70 रुपये किलो बिकता है. अक्षय का कहना है कि औसतन वे महीने में 25 लाख रुपये का दूध बेच देते हैं.

घी और गोबर खाद से भी कमाई

दूध के अलावा अक्षय घी और गोबर खाद से भी कमाई करते हैं. सर्दियों में दूध जब ज्‍यादा हो जाता है तो वे तीन महीने घी भी बनाते हैं. इसके अलावा हर साल उनके पास करीब 350 ट्राली गोबर की खाद भी हो जाती है. 1600 रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से गोबर खाद बेचकर भी वे अच्‍छी कमाई कर लेते हैं. अक्षय का कहना है कि अगर कोई व्‍यक्ति जितना समय नौकरी को देता है उतना ही समय और मेहनत अगर अपना बिजनेस स्‍थापित करने में तीन साल ही लगा दे तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

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