आगर मालवा में बवाल: फसलें बर्बाद, प्रशासन ने रिपोर्ट में लिखा ‘नुकसान शून्य’!

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आगर मालवा जिले में फसल नुकसान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सुसनेर के पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार ने बताया कि प्रशासन ने हजारों हेक्टेयर में बर्बाद फसलों को रिपोर्ट में “निरंक” यानी शून्य दिखा दिया.

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आगर से बड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

रजनीश सेठी
आगर मालवा.
जिले में फसल नुकसान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सुसनेर के पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार ने सोशल मीडिया पोस्ट में खुलासा किया कि प्रशासन ने हजारों हेक्टेयर में बर्बाद फसलों को रिपोर्ट में “निरंक” यानी शून्य दिखा दिया. पाटीदार द्वारा साझा दस्तावेजों के अनुसार 512 गांवों में 1.32 लाख हेक्टेयर सोयाबीन फसलें पिला मोजेक वायरस, कीट प्रकोप और बारिश की मार से चौपट हुईं, पर राहत रिपोर्ट में कोई नुकसान दर्ज नहीं किया गया. अब किसानों, कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. कलेक्टर ने दोबारा सर्वे के आदेश जारी किए हैं.

पूर्व विधायक पाटीदार ने दावा किया है कि जिले में फसलों के वास्तविक नुकसान को प्रशासन ने राहत सर्वे रिपोर्ट में “निरंक” यानी शून्य दिखाकर भोपाल भेज दिया. जबकि वास्तविकता यह है कि जिले के 512 गांवों में 1.32 लाख हेक्टेयर में बोई गई सोयाबीन फसलें पिला मोजेक वायरस, कीट प्रकोप और अनियमित बारिश से बर्बाद हो चुकी हैं. पाटीदार ने कुछ आधिकारिक दस्तावेज़ साझा किए हैं जिनमें साफ देखा जा सकता है कि आगर, सुसनेर, नलखेड़ा, कानड़, बड़ौद और सोयतकलां तहसीलों में व्यापक नुकसान दर्ज था, फिर भी रिपोर्ट में हर जगह “निरंक” लिखा गया. राहत राशि का कॉलम भी खाली छोड़ दिया गया.

मुआवजा मिला तो फूलमाला, नहीं तो जूते-चप्‍पलों की माला 
इस खुलासे के बाद किसानों में भारी नाराजगी है. कई गांवों में किसान खेतों में खड़ी सूखी फसलों के बीच प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि सर्वे दलों ने खेतों का निरीक्षण तो किया, लेकिन असल रिपोर्ट में सच को छिपा दिया गया. इससे मुआवजे की पूरी प्रक्रिया थम गई है. कांग्रेस ने इसे “फर्जी सर्वे” करार देते हुए प्रशासन पर किसानों से धोखा करने का आरोप लगाया है. सुसनेर विधायक भैरों सिंह परिहार ‘बापू’ ने कहा “अगर बीजेपी नेता किसानों को मुआवजा दिला देते हैं तो हम उनका फूलमाला से स्वागत करेंगे, वरना किसान जूते-चप्पलों की माला पहनाएंगे.”

दोबारा सर्वे के आदेश, हजारों किसानों को मिले मुआवजा 
वहीं, भाजपा नेता अब सक्रिय हो गए हैं. आगर विधायक मधु गहलोत और जिला अध्यक्ष ओम मालवीय ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर किसानों को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर सर्वे दोबारा कराया जाएगा. नवागत कलेक्टर प्रीति यादव ने भी 4 अक्टूबर को पुनः सर्वे के आदेश जारी किए हैं, ताकि किसानों के वास्तविक नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट दोबारा भेजी जा सके. अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “निरंक रिपोर्ट” की गलती सुधार पाएगा या फिर हजारों किसान फिर एक बार मुआवजे से वंचित रह जाएंगे?

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

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आगर मालवा में बवाल: फसलें बर्बाद, प्रशासन ने रिपोर्ट में लिखा ‘नुकसान शून्य’!

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