धार में RSS शताब्दी वर्ष पर बस्तियों में हिंदू सम्मेलन: हर्षित महाराज बोले- बसंत पंचमी पर भोजशाला में दिनभर पूजा, कोई शक्ति रोक नहीं सकती – Dhar News

धार शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत 14 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों में समस्त हिंदू समाज की व्यापक सहभागिता देखने को मिली। प्रत्येक बस्ती में सम्मेलन के साथ नगर भोज का भी आयोजन किया गया।

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इसी क्रम में, धार की भोजशाला के समीप मोती बाग चौक में एक प्रमुख हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए धार के खेड़ापति हनुमान मंदिर के पुजारी हर्षित महाराज ने भोजशाला से जुड़े संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज कई वर्षों से भोजशाला को लेकर संघर्ष कर रहा है, जो आज भी जारी है। उन्होंने बताया कि सत्याग्रह के माध्यम से हिंदू समाज अपने धार्मिक अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत है।

इस आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

23 जनवरी को बसंत उत्सव मनाने की घोषणा हर्षित महाराज ने बताया कि लंबे समय से हर मंगलवार को हिंदू समाज एकत्रित होकर हवन-पूजन सत्याग्रह करता है, और यह परंपरा निरंतर जारी है। उन्होंने आगामी 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर बसंत उत्सव मनाने की घोषणा की।

इस दिन समस्त हिंदू समाज का संकल्प है कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वागदेवी का हवन-पूजन माता रानी के दरबार में किया जाएगा। हर्षित महाराज ने जोर देकर कहा कि बसंत उत्सव की सफलता और आयोजन की व्यापकता हिंदू समाज की संख्या और सहभागिता पर निर्भर करेगी।

हर्षित महाराज ने कहा कि भोजशाला पूजन में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने का आवाहन किया।

हर्षित महाराज ने कहा कि भोजशाला पूजन में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने का आवाहन किया।

बोले- कोई शक्ति रोक नहीं सकती उन्होंने कहा कि यदि बसंत पंचमी के दिन मोती बाग चौक में हजारों की संख्या में हिंदू एकत्रित होते हैं, तो मां वागदेवी का हवन-पूजन बड़े स्तर पर प्रारंभ होगा। उनका मानना था कि तब सूर्योदय से सूर्यास्त तक होने वाले इस पूजन को कोई भी शक्ति रोक नहीं सकेगी।

हर्षित महाराज ने समस्त हिंदू समाज से आग्रह किया कि बसंत पंचमी के दिन अधिक से अधिक संख्या में इसी प्रांगण में पहुंचकर माता रानी का पूजन, यज्ञ और हवन करें, क्योंकि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है।

इन हिंदू सम्मेलनों के दौरान हर बस्ती में साधु-संतों, RSS के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों की सहभागिता रही, जिससे पूरे शहर में एक धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।

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