डॉक्टर बने सड़क सुरक्षा के सिपाही, लोगों को सिखा रहे जीवन का सबक, बोले- हेलमेट नहीं तो मुलाकात नहीं

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Unique Campaign: आपके परिवार की जिम्मेदारी आपसे जुड़ी हुई है, इसलिए खुद को सुरक्षित रखें आपका परिवार आपके घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है.. इसलिए अगर कोई भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बाइक से उनके क्लीनिक पर जाता है और हेलमेट नहीं लगाए रहता तो 

Unique Campaign: “बाइक चलाने वाले हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए पहने” यह ध्येय वाक्य सागर के एक डॉक्टर अपनाए हुए हैं इसका वह खुद तो पालन करते ही है लेकिन उनके क्लीनिक पर आने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के लिए वह जरूरी प्रोटोकॉल बनाए हुए हैं. वह कहते हैं कि आपके परिवार की जिम्मेदारी आपसे जुड़ी हुई है, इसलिए खुद को सुरक्षित रखें आपका परिवार आपके घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है.. इसलिए अगर कोई भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बाइक से उनके क्लीनिक पर जाता है और हेलमेट नहीं लगाए रहता तो वह उसे मुलाकात ही नहीं करते, बिना कॉल लिय बाहर से ही वापस लौटा देते हैं. लोगों को जागरूक करने के लिए वह इस तरह से मुहिम चला रहे हैं. और जिसका असर भी दिखाई देने लगा है अब एमआर भी इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हेलमेट को लगाने लगे हैं.

डॉ औसाफ अली सागर के उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया के रहने वाले हैं. इन्होंने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल से 12th तक की पढ़ाई की इसके बाद बीडीएस करने के लिए इंदौर की अहिल्याबाई विश्वविद्यालय चले गए थे पढ़ाई करने के बाद साल 2011 में अपने शहर वापस लौट आए और पिछले 14 सालों से यह शहर की राहतगढ़ बस स्टैंड के पास सना डेंटल केयर के नाम से अपना क्लीनिक चला रहे हैं यह मुख और दंत रोग विशेषज्ञ हैं. उनके परिवार में मां पत्नी एक बेटा और एक बेटी है.

डॉ औसाफ अली बताते हैं कि करीब 2 साल पहले की बात है जब उनके पारिवारिक संबंधों वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सागर से जरूआखेड़ा क्षेत्र की तरफ जा रहे थे. इस घटना से कुछ देर पहले हम लोगों की बातचीत भी हुई थी लेकिन 1 घंटे बाद पता चला कि बाइक से जाते समय एक्सीडेंट में वह घायल हुए और हेड इंजरी होने की वजह से उनकी जान चली गई. वह हेलमेट नहीं लगाए हुए थे इसके बाद से ही मैंने यह तय किया कि अब जो एमआर हेलमेट लगाकर हमारे क्लीनिक पर आएगा. उसी से ही मुलाकात करेंगे और पिछले दो सालों से यह सिलसिला चल रहा है जितने भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आते हैं सभी को पता है कि डॉक्टर साहब से कॉल तभी हो पाएगी. जब वह बाइक से जाएंगे और हेलमेट सर पर होगा.

डॉक्टर अली आगे बताते हैं कि डॉक्टर और एमआर का रिश्ता गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह होता है कई लोगों से मित्रवत तो कई लोगों से पारिवारिक संबंध बन जाते हैं. ऐसे में इन दुर्घटनाओं की वजह से कोई भी मित्र को दोबारा ना खोना पड़े इसलिए हमने यह इनोवेटिव किया है क्योंकि एक व्यक्ति के पीछे उसका पूरा परिवार रहता है और उसके जाने से कितने लोगों को क्या-क्या खोना पड़ता है यह तो अपनों को खोने वाले ही जानते हैं. इतना नहीं डॉक्टर से एमआर और एमआर से डॉक्टर चलते हैं लेकिन सुरक्षित रहना भी जरूरी है. मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सौरभ विश्वकर्मा बताते हैं यह पिछले 8 साल से यह काम कर रहे हैं और डॉक्टर अली से जुड़े हुए हैं वैसे तो उनका काम पूरे जिले में घूमने का रहता है हेलमेट भी वह शुरू से ही लगाते हैं लेकिन सिटी में घूमने के दौरान वह हेलमेट नहीं लगाते थे लेकिन डॉक्टर अली की वजह से अब वह बिना हेलमेट के बाइक ही नहीं चलाते अगर दूध लेने भी जाते हैं तो हेलमेट लगाकर ही बाइक पर सवार होते हैं. उन्होंने डॉक्टर साहब के इस कार्य की प्रशंसा की.

प्रदेश में सबसे अधिक सड़क दुर्घनाएं 
साल 2025 की बात करें तो सागर संभाग में प्रदेश में सबसे अधिक 13818 सड़क दुर्घटनाएं हुई. जिसमें से आधी दुर्घटनाएं सागर जिले में हुई जिसकी संख्या 6213 हैं. जिसमें 86% हादसो में 15 से 45 वर्ष तक के लोग शामिल है. और इसमें 4% ऐसे बच्चे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए, जिनकी उम्र 15 वर्ष से कम रही. और चौकाने वाले बात तो यह है कि इनमें ज्यादातर हादसे दिन के समय ही हुए हैं. सबसे दुखद बात तो यह रही इन दुर्घटनाओं में 500 से अधिक लोगों की मौत भी हुई. दिन में न जाने कितने परिवार उजड़ गए कितने बिखर गए, कितनो का बेटा छिन गया तो कितने बच्चे अनाथ हो गए.

26 ब्लैक स्पॉट खत्म किए जा रहे 
इन सभी सड़क दुर्घटनाओं में दो-तीन बातें निकाल कर सामने आई एक तो अंधाधुंध रफ्तार दूसरा युवाओं के द्वारा बाइक चलाने में लापरवाही, बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाना और ब्लैक स्पॉट की वजह से सागर जिले में हर साल दुर्घटनाएं होने की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है प्रशासन के द्वारा ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए सागर जिले की नेशनल हाईवे 44 पर 26 रेलवे ओवरब्रिज और अंडर ब्रिज करीब 500 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे हैं इसके अलावा जिला कलेक्टर के द्वारा हाईवे से कनेक्टिविटी वाले गांव में जन चौपाल आयोजित कर उन्हें बताया जा रहा है कि किस तरह से उन्हें किसी भी रोड से कनेक्ट होना है कौन सी गलती लोगों की जान पर भारी पड़ जाती है जागरूक कर हादसे कम करने के प्रयास किया जा रहे हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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