रीटा (काल्पनिक नाम) अब 20 साल की हो चुके थी. उसकी फिटनेस की लोग मिसाल देते थे. लेकिन, पिछले कुछ महीनों से रीटा को लग रहा था कि उसकी सेहत कुछ ठीक नहीं है… कुछ ऐसा, जिसे वो सही पकड़ नहीं पा रही थी, लेकिन महसूस जरूर कर रही थी. शुरुआत कब हुई, उसे खुद याद नहीं. बस एक दिन उसने नोटिस किया कि, उसे सीने में दर्द महसूस हो रहा है, धड़कन की गति में कुछ बदलाव है. सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है. पहले तो उसे लगा कि यह सब मामूली होगा, लेकिन परेशानी बढ़ी तो पास के डॉक्टर गुलाटी (काल्पनिक नाम) के पास जा पहुंची.
शानदार फिटनेस वाली रीटा को आज इस हाल में देख डॉक्टर साहब भी हैरान रह गए. पहले तो उन्हें कुछ समय नहीं आया, लेकिन जब जांच की तो पता चला कि परेशानी तो बढ़ चुकी है. नसों का ब्लड फ्लो काफी धीमा हो चुका है. हार्ट को काम करने में तकलीफ हो रही है. लंबी पूछताछ के बाद रीटा ने अपने नहाने का तरीका बताया. यह सुनकर डॉक्टर ने सिर पकड़ लिया. डॉक्टर ने रीटा को बताया कि, आपके नहाने का सही तरीका ठीक नहीं है. गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक से जुड़ी परेशानी हो सकती है. इसके बाद उन्होंने स्नान करने का सही तरीका बताया.
ठंड में स्नान को लेकर उलझन में रहते हैं लोग
सर्दियों का मौसम आते ही नहाने को लेकर बहुत से लोग उलझन में पड़ जाते हैं. सच तो ये है कि, नहाने का सही तरीका मौसम, सेहत और शरीर की जरूरत पर निर्भर करता है. सर्दियों में नहाने के लिए बेहतर विकल्प और उसके फायदे-नुकसान अलग हो सकते हैं. सर्दियों में नहाना सिर्फ साफ-सफाई का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण है. लेकिन, स्नान के लाभ आपको तभी होंगे, जब सही तरह से स्नान करेंगे. अब सवाल है कि आखिर ठंड में स्नान करने का सही नियम क्या है? ठंड में किस समय नहाना चाहिए? आइए जानते हैं इस बारे में-
क्यों और कैसे करनी चाहिए नहाने की शुरुआत
पुराने समय में लोग तालाब में स्नान करने जाते हैं. तो सबसे पहले पैर को, फिर कमर को, अंत में सिर पर पानी डालते हैं. इससे हमारे शरीर का तापमान पानी के टेंपरेचर को ऑब्जर्व कर लेता था. आजकल लोग सिर पर सीधे ठंडा पानी डालते हैं तो खून की नसें सिकुड जाती हैं. वहीं, जब गर्म पानी डालते हैं यही नसें फैल जाती हैं. बता दें कि, जब नसें सिकुड़ जाती हैं तो हार्ट को काम करने के लिए अधिक दवाब पड़ता है. इस स्थिति में कई लोगों को हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ सकता है. आपने नोटिस भी किया होगा कि, ज्यादातर लोगों को बाथरूम ही हार्ट अटैक आता है.
नहाने के लिए कैसा होना चाहिए पानी
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, ठंड में गुनगुने पानी से नहाना बेहतर विकल्प हो सकता है. ऐसा करने से त्वचा को आराम मिलेगा है और नमी बनाए रखने में मदद मिलेगी. नॉर्मल पानी से भी आप स्नान कर सकते हैं, बस नहाने का सही नियम होना जरूरी है. इसके लिए नहाने की शुरुआत नॉर्मल पानी से करें, और आखिर में 30 सेकंड के लिए थोड़ा ठंडा पानी शरीर पर डालें. ध्यान रहे कि, सीधे सिर पर ठंडा पानी डालने से बचें. इसके बजाय आप सबसे पहले नाभि पर और फिर धीरे-धीरे हाथ, पैर और सिर पर पानी डालें.
नहाने का सही समय: सुबह 8 से 12 बजे के बीच, जब धूप हो, नहाना सबसे अच्छा हो सकता है. अगर आपको सर्दी है तो आप गर्म पानी से स्नान कर सकते हैं और अपनी नाक को नम रखने पर ध्यान दें. यदि आपको चक्कर आ रहे हों, तो बैठकर स्पंज बाथ लेना बेहतर है.