तनाव दूर करे, पीरियड्स दर्द में राहत…, चाय की चुस्की में छुपा है स्वास्थ्य का राज, Tea Lovers जानिए गेंदा की चाय के चमत्कारिक फायदे

Tea Lovers ध्यान दें! अभी तक आपने दूध से बनी चाय, लेमन टी, ग्रीन टी या फिर कॉफी का सेवन किया होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी चाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे. शायद आपने इसके बारे में पहले न सुना हो और न पढ़ा हो. इसका नाम सुनते ही आपको इसे पीने की इच्छा जरूर जागृत होगी. दरअसल, हम बात कर रहे हैं गेंदा के फूल से बनी चाय की, जो अपने आप में एक औषधीय पेय है.

जी हां, गेंदा का फूल जिसे आमतौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में उपयोग किया जाता है, आयुर्वेद में इसे औषधि पुष्प माना गया है. परंतु इसके कई अन्य उपयोग भी हैं, जिनमें से एक है गेंदा के फूल की चाय बनाकर सेवन करना. यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है क्योंकि इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारी सेहत को कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. तो आइए, आयुष चिकित्सक से जानते हैं कि गेंदा की चाय हमारे लिए कैसे फायदेमंद है और इसे कैसे तैयार किया जा सकता है.

आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाली रायबरेली जिले के कस्बा शिवगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आयुष चिकित्सक, डॉक्टर आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर, राजस्थान) लोकल 18 से बातचीत में बताती हैं कि गेंदा के फूल को आयुर्वेद में औषधि पुष्प माना गया है क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. इसके साथ ही, गेंदा के फूल की चाय का सेवन कई बीमारियों से राहत दिलाता है, खासकर महिलाओं के लिए यह बहुत फायदेमंद होती है.

पाए जाने वाले पोषक तत्व
आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, गेंदा के फूल में प्रमुख रूप से एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, साथ ही कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं.

इन बीमारियों से दिलाती है राहत
गेंदा के फूल से बनी चाय का सेवन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन से राहत देता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, त्वचा संबंधी बीमारियों में लाभकारी होता है, दांत दर्द को कम करता है और तनाव को कम करने में भी कारगर है. इसके नियमित सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियों से भी शरीर को बचाने में मदद मिलती है. डॉक्टर आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि इस चाय को साधारण चाय की तरह ही बनाया जाता है, बस चाय पत्ती की जगह गेंदा के फूल की पंखुड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है.

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